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Madhya Pradesh: चुनाव से पहले शिवराज कैबिनेट में 3 मंत्रियों की एंट्री, ये है BJP का 'त्रिकोणीय' प्लान

MP Cabinet Expansion: शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल में तीन विधायकों गौरीशंकर बिसेन, राजेंद्र शुक्ला और राहुल लोधी को जगह मिल गई है। तीनों ने शनिवार की सुबह सीएम शिवराज और राज्यपाल मंगूभाई पटेल की उपस्थिति में शपथ ली। चुनाव से पहले हुए इस विस्तार को क्यों अहम माना जा रहा है आपको BJP का त्रिकोणीय प्लान समझाते हैं।

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शिवराज कैबिनेट में तीन नए मंत्रियों की हुई एंट्री।

Photo : Twitter

Madhya Pradesh Chunav News: मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है। चुनाव से पहले शिवराज कैबिनेट में तीन नेताओं को जगह दी गई है, जिसे काफी अहम माना जा रहा है। इस कैबिनेट विस्तार में जिन तीन नेताओं को जगह मिली है उसके आधार पर लोधी समाज और ब्राह्मण समाज के वोट को साधने का पूरा प्रयास हुआ है। आपको बताते हैं कि किस क्षेत्र के विधायक को चुनाव से ठीक पहले तवज्जो दी गई है।

शिवराज कैबिनेट में तीन नए मंत्रियों की एंट्री

बालाघाट निर्वाचन क्षेत्र से विधायक गौरीशंकर बिसेन, रीवा से विधायक राजेंद्र शुक्ला और खरगापुर से विधायक राहुल लोधी ने भोपाल स्थित राजभवन में सीएम शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल मंगूभाई पटेल की उपस्थिति में मध्य प्रदेश कैबिनेट में मंत्री के रूप में शपथ ली।

क्या है भाजपा का चुनावी प्लान?

मंत्रिमंडण में शामिल हुए नए नए चेहरों में सबसे अहम हैं गौरीशंकर बिसेन, जो ओबीसी समुदाय से आते हैं। चुनाव से पहले बिसेन को सरकार में जगह देकर ओबीसी समाज के वोटों को साधने की कोशिश की गई है। वहीं राहुल लोधी को शिवराज कैबिनेट में जगह देकर लोधी समाज को लुभाने का प्रयास हुआ है। इसके अलावा राजेंद्र शुक्ला विंध्य क्षेत्र से बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं। जातीय फैक्टर के साथ-साथ भाजपा ने इस कदम से क्षेत्र को भी साधने की कोशिश की है।

इन तीन नेताओं के जरिए भाजपा चुनावी पकड़ करेगी मजबूत

चुनाव से ठीक पहले जिन तीन नेताओं को कैबिनेट में जगह मिली है, वो तीनों अलग-अलग क्षेत्र से आते हैं। इनमें गौरीशंकर बिसेन महाकौशल क्षेत्र से आते हैं, जिसे कमलनाथ का गढ़ माना जाता है। पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता भी इसी क्षत्र से आते हैं। महाकौशल क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी गौरीशंकर बिसेन पर होगी। इसके अलावा विंध्य क्षेत्र से ब्राह्मण चेहरा राजेंद्र शुक्ला को शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल में जगह मिली है। बीजेपी ने इस इलाके में पार्टी को मजबूत करने का जिम्मा राजेंद्र शुक्ला के कंधों पर सौंपा है।

लोधी समाज पर ढीली पकड़ को मजबूत करने की कोशिश

बुंदेलखंड क्षेत्र से राहुल लोधी को शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल में चुनाव से ठीक पहले जगह दी गई है। पिछले कुछ समय से ये कहा जा रहा था कि लोधी समाज पर भाजपा की पकड़ ढीली हो रही है। ऐसे में इसे मजबूत करने की कोशिश करते हुए राहुल लोधी को आगे लाया गया है। भाजपा के इस फैसले से बुंदेलखंड में पार्टी का दबदबा और बढ़ने की उम्मीद है।

एक साथ 95 सीटों के लिए भाजपा ने फेंका है ये पासा

महाकौशल क्षेत्र में सबसे अधिक 38 सीटें हैं। बता दें, हाल ही में भाजपा ने मध्य प्रदेश चुनाव के लिए 39 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इनमें 11 उम्मीदवार महाकौशल से ही थे। इसके बाद विंध्य में 30 और बुंदेलखंड में 26 विधानसभा सीटें हैं। विंध्य क्षेत्र में ब्राह्मण समुदाय की आबादी करीब 14 फीसदी है। इन इलाकों में सवर्ण और ब्राह्मणों का अच्छा खासा असर देखा जा सकता है। कैबिनेट विस्तार के जरिए भाजपा इन तीनों इलाकों में अपना दबदबा कायम करने की कोशिश कर रही है।

चुनाव से ऐन पहले भाजपा ने जो मंत्रिमंडल में हेरफेर किया है, वो इस बात की पुष्टि कर रहा है कि शिवराज सरकार को बचाने के लिए पार्टी हर कोशिश करने के लिए तैयार है। माना जा रहा है कि एमपी भाजपा में भीतर ही भीतर भारी असंतोष का माहौल है। असंतुष्टों को मनाने की कोशिश में पार्टी लगातार कोशिश कर रही है। कई लोगों को बोर्ड और निगम का अध्यक्ष बनाकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा रहा है। देखना होगा कि शिवराज सरकार को सत्ता पर काबिज रखने की ये कोशिश मुकम्मल होती है या फिर कांग्रेस की सूबे में वापसी होती है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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