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ओवैसी जब पढ़ते हैं नमाज तो निकलता है 'राम-राम': विनय कटियार

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  • Updated Jan 10, 2024, 02:50 PM IST

Vinay Katiyar : राममंदिर आंदोलन के अगुवाओ में से एक और बजरंगदल के संस्थापक सदस्य रहे विनय कटियार से अनेक मुद्दे पर खुलकर बातचीत की। मंदिर निर्माण के साथ कई मुस्लिमो के हृदय परिवर्तन हो रहे हैं। कुछ मुस्लिम महिलाएं तो प्राण प्रतिष्ठा के लिए दूर दूर से आ रही हैं।

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22 जनवरी को होगी राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा।

Photo : PTI

Vinay Katiyar : अयोध्या में अब राम मंदिर हकीकत बन चुका है, लेकिन अतीत के पन्ने खोले तो देखेंगे कुछ ऐसे आंदोलनकारी रहे जिन्होंने मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हीं में से एक हैं विनय कटियार। राम जन्मभूमि विवाद के बाद से काफी चर्चित रहे कटियार को भाजपा का फायर ब्रांड नेता माना जाता है। अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वाले कटियार ने आईएएनएस को दिये साक्षात्कार में कहा कि एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी जब नमाज पढ़ते हैं, तब अल्लाह की जगह राम-राम सुनाई पड़ता है।

कई मुस्लिमों के हृदय परिवर्तन हुए

राममंदिर आंदोलन के अगुवाओ में से एक और बजरंगदल के संस्थापक सदस्य रहे विनय कटियार से अनेक मुद्दे पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के साथ कई मुस्लिमों के हृदय परिवर्तन हो रहे हैं। कुछ मुस्लिम महिलाएं तो प्राण प्रतिष्ठा के लिए दूर दूर से आ रही हैं। लेकिन एआईएमआईएम के मुखिया लगतार सवाल उठा रहे हैं। इस बारे में विनय कटियार ने कहा कि ओवैसी जब नमाज पढ़ते हैं तो उनके अल्लाह की जगह राम-राम निकलता है। वह राम राम ही जपते रहते हैं। जब वह ऐसा कर रहे हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। यह अच्छा हो रहा है।

अयोध्या का हुआ चहुंमुखी विकास

अयोध्या के विकास के बारे में कटियार ने कहा कि सड़कें चौड़ी की जा रही हैं। विशाल द्वार बनाये गये हैं। इस नई अयोध्या को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। श्रद्धालुओं का स्वागत किया जा रहा है। घाटों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। एयरपोर्ट को भव्य रूप दिया गया है। ट्रेनें बढ़ गई हैं। बढ़िया ट्रेनें चल गई हैं। डबल लाइन हो गई है। प्रधानमंत्री जी के ध्यान में ये सब चीजें हैं।

राम मंदिर में तेजी से चल रहा काम

उन्होंने कहा कि अयोध्या की मुख्य सड़क चौड़ी हो गई है। पहले एक लेन की होती थी तो निकलना कठिन होता था। हनुमानगढ़ी तक आने में भीड़ लगी रहती थी। उसकी व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को देखते हुए मंदिर निर्माण का काम बहुत तेजी के साथ हो रहा है। चूंकि यह पत्थर से बन रहा है, ईंट गारे से नहीं, तो यह कारीगरों के लिए बड़ा काम है। वही इसके इंजीनियर भी हैं। इसे बनाने में अभी बहुत समय लगेगा। तीन मंजिला बनना है।

हमारे संकल्पों का फल है राम मंदिर

प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भागीदार होने के जवाब में उन्होंने कहा कि समारोह में अवश्य जायेंगें। यह हमारे संकल्पों और प्रयासों का फल है। मंदिर बनते देखना सौभाग्य की बात है और उनके आराध्य की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होना पुण्यकर्मों का फल। निमंत्रण आ गया है। हमारे पास है। अभी मुंह में थोड़े छाले हैं। इसलिए थोड़ी कठिनाई है। अगर इसने हमको अनुमति दी तो जाएंगे।

बलिदान कारसेवक परिवार की सुध लेते रहेंगे

सन् 1992 के आंदोलन में बलिदान कारसेवकों के परिवार के लिए मांग के बारे में उन्होंने कहा कि कारसेवको के परिवार की मदद हो रही है। उनके परिवार को हमेशा पूछा जाता है। आगे भी पूछा जाता रहेगा। अब यह हो सकता है कि कुछ नए लोग इस काम में लगाए गए हैं तो भूल गए हों। हम नहीं कह सकते हैं। जिला स्तर पर यह सब सूचना पहुंचाई जा रही है।

कारसेवकों का परिवार स्वाभिमानी है

उनके पेंशन या ऐसी ही किसी व्यवस्था के बारे में उन्होंने कहा कि फिलहाल, अभी इस काम में सरकारी पेंशन की जरूरत नहीं है। पेंशन समाज देगा। यह काम होगा। जब जिसकी जरूरत पड़ती है उसको देने का काम होता है। कारसेवकों के बारे में कटियार ने कहा कि उनके परिवार धन-धान्य से परिपूर्ण हैं। इनमें से कोई भी परिवार मुफ्त में कुछ भी नहीं लेना चाहता है। ये सभी स्वाभिमानी हैं। लगभग सभी प्रमुख अवसरों में उन्हें पूछा भी जाता है। ऐसे जब कार्यक्रम होते हैं तो उनको बुलाया भी जाता है। निमंत्रण देने का जो काम कर रहे होंगे, वे इसका पूरा ख्याल रख रहे होंगे।

अभी मथुरा काशी बाकी है-कटियार

"अयोध्या एक झांकी है। मथुरा काशी बाकी है" के नारे के बारे में कटियार ने कहा कि जैसे अयोध्या का काम हुआ है सब जुट गए, लोग एक हो गए। वैसे ही आगे भी होगा। संयोग से हमारी सरकार भी है। नरेंद्र मोदी केंद्र में प्रधानमंत्री हैं। वह आते हैं तो अयोध्या घूमते हैं। दलित परिवार भी उनको दिखाई देता है। चाय पीने के लिए जाते है। उन्होंने कहा, "आप लोग अक्सर कहते रहे हैं कि मंदिर बनने में कांग्रेस अड़ंगा लगाती रही। लेकिन अभी एक सूचना ये आई है कि वह लोग 15 तारीख को यहां पर दर्शन करने आ रहे हैं।"

हम दर्शन करने जाएंगे-शिवपाल

पूर्व सांसद ने कहा कि आ रहे हैं अच्छी बात है। किसने मना किया है। हमने किसी को मना नहीं किया। यह हमारा काम है भी नहीं। यह पार्टी या संगठन का भी काम नहीं है। संगठन का काम तो यह है कि इस समय 22 तारीख के कार्यक्रम को ठीक से संपन्न कराये। यह भी समझाना होगा कि किसी कारणवश कोई रामलला का दर्शन नहीं कर पा रहा है, उसे बाद में दर्शन कराने में संगठन सिर्फ सहायोगी बन सकता है। सपा नेता शिवपाल का तो एक बयान है कि राम मंदिर जो है, भाजपा नहीं बनवा रही है, कोर्ट बनवा रहा है और हम दर्शन करने जाएंगे।

फैजाबाद सीट से 3 बार सांसद रहे हैं कटियार

ज्ञात हो कि भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1970 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन सचिव के तौर पर की थी। 1980 में आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बने। 1982 में उन्होंने हिंदू जागरण मंच में रहे। 1984 में वे बजरंग दल के संस्थापक सदस्य बने। राम मंदिर आंदोलन को धार देने के लिए उन्हें यूपी भाजपा का अध्यक्ष भी बनाया गया। 2002 से 2004 तक यूपी भाजपा अध्यक्ष रहे। उन्हें पार्टी राष्ट्रीय महासचिव भी नियुक्त किया गया। विनय कटियार फैजाबाद लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं। वह 1991, 1996 और 1999 में लोकसभा के लिए चुने गए थे। वह राज्यसभा के सांसद भी रहे।
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