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बिहार : सम्राट सरकार की सख्ती, अनुदानित मदरसों की होगी जांच, 10 दिन के भीतर रिपोर्ट देगी समिति

सभी मदरसों में शिक्षा तथा गुणवत्ता की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार की जाए और उसे 10 दिन के अंदर सरकार को सौंपा जाए। तीन सदस्यीय समिति राज्य के सभी मदरसों का दौरा कर मदरसों में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों की नियुक्ति, उनकी उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्था की जांच करेगी।

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बिहार में अनुदानित मदरसों की होगी जांच।

Photo : ANI

Bihar Madrasa: बिहार में मदरसों पर सम्राट चौधरी सरकार ने सख्ती दिखाई है। अब राज्य के सभी अनुदानित मदरसों की जांच की जाएगी। सरकार ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के फैसले के अनुरूप शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर मदरसों की व्यापक जांच एवं निरीक्षण का आदेश दिया है। राज्य के मदरसों की जांच तीन सदस्यीय समिति करेगी। समिति को अपनी रिपोर्ट 10 दिनों की भीतर देने के लिए कहा गया है।

गुणवत्ता की समीक्षा कर तैयार होगी रिपोर्ट

इसमें कहा गया है कि सभी मदरसों में शिक्षा तथा गुणवत्ता की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार की जाए और उसे 10 दिन के अंदर सरकार को सौंपा जाए। तीन सदस्यीय समिति राज्य के सभी मदरसों का दौरा कर मदरसों में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों की नियुक्ति, उनकी उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्था की जांच करेगी।

Madarasa

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एजेंडे की राजनीति चला रही सम्राट सरकार-राजद

अनुदानित मदरसों की जांच के फैसले पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि लंबे समय से मदरसों की जांच नहीं हुई है। एक बार जांच होने के बाद जो दिक्कत-परेशानियां सामने आएंगी उन्हें सुधारा झाएगा। वहीं, सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि 'ऐसा ना हो कि मदरसों की जांच के नाम पर लोगों को शिक्षा से वंचित कर किया जाए।' राजद प्रवक्ता ने कहा कि एनडीए सरकार राज्य में एजेंडे की राजनीति चला रही है।

'मदरसों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व'

आदेश में कहा गया है कि 'बिहार के विभिन्न जिलों में अराजकीय मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसों का संचालन किया जा रहा है। इन मदरसों में औपचारिक तौर पर नियुक्त एवं कार्यरत कर्मचारियों को बिहार सरकार की ओर से वेतन के लिए अनुदान दिया जाता है। ऐसे में यह राज्य सरकार का दायित्व है कि वह सुनिश्चित करे कि इन मदरसों में छात्र-छात्राएं पढ़ने आ रहे हैं और उन्हें वहां बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी वजह से मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए मदरसों की 'स्थलीय जांच' कराने का निर्णय लिया गया है।

प्रत्येक प्रखंड में बनेगी 3 सदस्यीय समिति

शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल के अनुसार, इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि सरकारी सहायता और वेतन अनुदान का उपयोग तय नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं, साथ ही मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं का भी आकलन किया जाएगा। प्रत्येक प्रखंड में तीन सदस्यीय समिति बनाई जाएगी, जिसकी नियुक्ति जिलाधिकारी करेंगे। इसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) या अंचलाधिकारी (सीओ), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और किसी सरकारी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक शामिल होंगे। समिति का नेतृत्व बीडीओ या सीओ करेंगे।

मौके पर जाकर होगा मदरसों का निरीक्षण

जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा। इसमें शिक्षण व्यवस्था, छात्रों की उपस्थिति, गतिविधियां, भवन और अन्य सुविधाओं का मूल्यांकन होगा। निरीक्षण के दौरान फोटो और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जाएंगे।

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Utkarsh Singh
उत्कर्ष सिंह author

मैं पिछले 16 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहा हूं। देश के बड़े मीडिया हाउस में पत्रकारिता का अनुभव रहा है। जीवन में कई महत्वपूर्ण खबरों को ... और देखें

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