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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर को मिलेगी सुरक्षा, हमले के बाद यूपी सरकार का बड़ा फैसला

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 2, 2023, 07:44 AM IST

Bhim Army Chief Chandrashekhar: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि राज्य सरकार चंद्रशेखर को सुरक्षा प्रदान करेगी।चंद्रशेखर हमारे मित्र हैं और उन पर हुए हमले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, हमले के दोषियों को जल्द ही पकड़कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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चंद्रशेखर आजाद रावण

Photo : PTI

Bhim Army Chief Chandrashekhar: भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को उत्तर प्रदेश सरकार सुरक्षा मुहैया कराएगाी। यह फैसला हाल ही में उन पर जानलेवा हमले के बाद लिया गया है। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि राज्य सरकार चंद्रशेखर को सुरक्षा प्रदान करेगी।

मीडिया से हुई बातचीत में डिप्टी सीएम पाठक ने कहा, चंद्रशेखर हमारे मित्र हैं और उन पर हुए हमले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, हमले के दोषियों को जल्द ही पकड़कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार हमलावरों को पकड़ने के लिए प्रतिबंद्ध है।

हरियाणा के अंबाला से चार गिरफ्तार

इस बीच खबर है कि चंद्रशेखर आजाद पर हमले के चार संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये गिरफ्तारी हरियाणा के अंबाला से हुई हैं। हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स के पुलिस उपाधीक्षक अमन कुमार ने बताय, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस के एक संयुक्त अभियान में आरोपियों को पकड़ा गया है, उनसे इस सिलसिले में पूछताछ की जा रही है।

बाल-बाल बचे थे भीम आर्मी चीफ

बता दें, बीते बुधवार शाम देवबंद में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पर जानलेवा हमला किया गया था। हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग की थी। एक गोली उनकी कमर को छूकर निकल गई, जिसके बाद उन्हें सहारनपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई, जिसके बाद वह राजस्थान के भरतपुर के लिए रवाना हो गए। यहां उन पर हुए हमले के विरोध में एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान चंद्रशेखर ने कहा, हम विचारधारा की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए हम पर हमले हो रहे हैं। मैं अपने समाज के लिए कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हूं। भीम आर्मी चीफ ने कहा कि कुछ दिन बाद जयपुर में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। कुछ दिनों में चुनाव आने वाले हैं। अब समय आ गया है कि नेताओं का जवाब दिया जाए, उन्हें सबक सिखाया जाए।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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