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जालंधर में एक मकान किराए पर लेंगे पंजाब के CM भगवंत मान, जानें आखिर क्या है माजरा

Punjab Politics: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि मैं उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रचार के लिए जालंधर में एक मकान किराए पर लूंगा। बता दें, जालंधर पश्चिम विधानसभा सीट के लिए 10 जुलाई को उपचुनाव होगा और 13 जुलाई नतीजे आएंगे।

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भगवंत मान ने किया किराये का मकान लेने का ऐलान।

Photo : Times Now Digital

Bhagwant Mann Plan for Jalandhar: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा कि वह जालंधर पश्चिम सीट के लिए 10 जुलाई को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (आप) के चुनाव प्रचार के लिए एक मकान किराए पर लेंगे। मान ने कहा कि 'आप' का चुनाव प्रचार अभियान उनकी सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर केंद्रित होगा।

AAP ने किया उपचुनाव लड़ने का फैसला

मान ने संत कबीर दास की जयंती के अवसर पर होशियारपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने उनके नेतृत्व में उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है। जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव 10 जुलाई को होगा और मतगणना 13 जुलाई को होगी।

उपचुनाव पर क्या बोले सीएम भगवंत मान?

आम आदमी पार्टी के विधायक शीतल अंगुराल के इस्तीफे के बाद जालंधर पश्चिम सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था। मान ने कहा कि मुख्यमंत्री और पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख के तौर पर वह जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार का नेतृत्व करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं लोगों से कहूंगा कि ये काम हो चुका है और ये काम अभी बाकी है। अपने क्षेत्र के विकास के लिए हमें और ताकत दीजिए।'

जालंधर में मकान किराए पर लेंगे सीएम मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शनिवार को जालंधर जाएंगे। उन्होंने कहा, 'मैं वहां जालंधर में एक मकान किराए पर ले लूंगा। ऐसा नहीं है कि यह मकान सिर्फ 10 जुलाई तक (जब उपचुनाव के नतीजे आएंगे) किराए पर लिया जाएगा। यह मकान बाद में माझा और दोआबा क्षेत्रों के लिए सप्ताह में दो या तीन दिन के लिए कार्यालय के तौर पर काम करेगा। मैं वहीं रहूंगा।'

लोकसभा चुनाव में आप को मिली करारी हार

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और अधिकारी दो दिन तक वहां मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी को हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था, जिसमें वह पंजाब की 13 सीट में से केवल तीन पर ही जीत दर्ज कर सकी थी। आप ने जालंधर पश्चिम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मोहिंदर भगत को अपना उम्मीदवार बनाया है।

शीतल अंगुराल ने छोड़ दी थी आम आदमी पार्टी

आप ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में यह सीट जीती थी और शीतल अंगुराल विधायक चुने गए थे। अंगुराल अब इस निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार हैं। अंगुराल ने भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद 28 मार्च को विधायक पद से अपना इस्तीफा दे दिया था।

पंजाब विधानसभा अध्यक्ष ने 30 मई को अंगुराल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। उपचुनाव 10 जुलाई को होगा जिसके लिए कुल 23 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 जून थी। नामांकन पत्रों की जांच 24 जून को होगी, जबकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 26 जून है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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