विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए बधाई देते हुए कहा, खलीलुर रहमान को यूएनजीए के अध्यक्ष बनाए जाने से दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मंचों पर आपसी तालमेल को रेखांकित किया।
उन्होंने लिखा, "संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष चुने जाने पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान को हार्दिक बधाई। हमारी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की उम्मीद है।"
वैश्विक मंच पर भारत-बांग्लादेश की जुगलबंदी
डॉ. खलीलुर रहमान का संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष के रूप में चुना जाना न केवल बांग्लादेश, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
बता दें कि भारत और बांग्लादेश लगातार जलवायु परिवर्तन, सतत विकास (Sustainable Development Goals) और आतंकवाद जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जैसी राय रखते आए हैं। संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश के नेतृत्व से इन साझा प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर और मजबूती मिलेगी।
बता दें कि खलीलुर रहमान ने साइप्रस के उम्मीदवार और वहां के विदेश मंत्री के विशेष दूत, राजदूत एंड्रियास एस. काकौंटिस को हराकर यह प्रतिष्ठित पद अपने नाम किया। बांग्लादेश ने करीब चार दशकों के बाद इस सर्वोच्च पद पर दोबारा वापसी की है। इससे पहले साल 1986-87 में बांग्लादेश के तत्कालीन विदेश मंत्री हुमायूं रशीद चौधरी UNGA के 41वें सत्र के अध्यक्ष चुने गए थे।
एक वर्ष का होगा कार्यकाल
खलीलुर रहमान सितंबर 2026 में मौजूदा अध्यक्ष (जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक) से कार्यभार संभालेंगे, जिनका कार्यकाल एक वर्ष का होगा। बताते चलें कि डॉ. खलीलुर रहमान एक अनुभवी अर्थशास्त्री और कूटनीतिज्ञ हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय (UNCTAD) में भी करीब 25 वर्षों तक वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनकी इस शानदार जीत से यह साफ हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय बहुपक्षवाद, वैश्विक सहयोग और सतत विकास को बढ़ावा देने में बांग्लादेश की रचनात्मक भूमिका पर पूरा भरोसा करता है।
