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फैशनेबल दाढ़ी रखने पर 51 हजार का फाइन, बनासकांठा में इस समाज का फैसला

  • Authored by: Siddharth Pandya
  • Updated Apr 6, 2023, 12:11 PM IST

Banaskantha fashionable beard news: सामाजिक सुधार के लिए बनासकांठा के चौधरी समुदाय ने लिया बड़ा फैसला फैशनेबल दाढ़ी रखने पर 51 हजार का जुर्माना वही अफीम का उपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ 1 लाख रुपये तक के जुर्माना वसूला जाएगा।

Banaskantha fashionable beard news: गुजरात के बनासकांठा जिले के धानेरा का तहसील में चौधरी समुदाय की ओर से सामाजिक सुधार को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं .आंजना चौधरी समाज की पंचायत ने मर्दों को फैशनेबल दाढ़ी रखने पर इक्यावन हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। इसके अलावा शादी-विवाद के दौरान भी देखा देखी में काफी फिजूल खर्च किए जाते हैं इसको लेकर भी आंजना चौधरी समाज की ओर से कई अहम फैसले लिए गए हैं और शादी-विवाद में कम खर्च करने की लिए भी रूपरेखा तय की गई है. आंजना चौधरी समाज ने अब शादियों में डीजे,जन्मदिन पर पार्टी कल्चर खत्म करने का फरमान जारी किया है. इसके अलावा समूह शादी को बढ़ावा देने का फैसला भी लिया है बनासकांठा में बड़ी तादाद में चौधरी समुदाय के लोग रहते हैं और यह फैसला धानेरा तहसील के 54 गांव के आंजना चौधरी समुदाय की ओर से लिया गया है

इसके अलावा आंजना चौधरी समुदाय की पंचायत ने मृत्यु होने पर अफीम की परंपरा बंद करने का फैसला लिया है और यदि अफीम का उपयोग जारी रहता है तो एक लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही शादी समारोह में कम पटाखे फोड़ने, शादी के कार्ड सिंपल होने चाहिए और इसके अलावा समाज की शादियों में समाज के लोग खाना परोसने के लिए बाहर से किराए पर लोगों को नहीं लाएंगे और आंजना चौधरी समाज ने बेटी की शादी में 51 हजार रुपये से ज्यादा के सामान देने पर रोक लगाने का भी फैसला किया गया है. इसके अलावा शादी समारोह के दौरान मोबाइल से फोटो और वीडियो लेने पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया है इस तरह कुल मिलाकर 54 गांव आंजना चौधरी समुदाय के द्वारा सामाजिक सुधार के लिए 23 नियम तय किये गए है।

सिद्धार्थ पंड्या
Siddharth Pandyaauthor

Siddharth has covered a wide range of topics in his 15-year career as a journalist, from political issues to social matters. He has reported on political developments not only in Gujarat but also in Madhya Pradesh. He does reporting and anchoring in Hindi, English, and Gujarati languages in Gujarat. From live reporting on various issues to the controversies surrounding fake encounters, the 2017 Patidar movement in Gujarat, the state's elections, lockdown, and the exodus during the COVID-19 pandemic, Siddharth has touched upon various topics.

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