Ayodhya Deepotsav 2023: आज अयोध्या में 32 हजार करोड़ की परियोजनाओं के कार्य हो रहे हैं। इतनी परियोजना देश के किसी एक शहर में नहीं चल रही हैं। जिस दिन यह कार्य जमीनी धरातल पर उतरेंगे, अयोध्या दुनिया की सुंदरतम नगरी के रूप में रहेगी। अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने की दिशा में काम हो रहा है। इस साल के अंत तक अयोध्या में बन रहे भव्य रामलला के मंदिर का काम भी पूरी हो जाएगा और अगले साल से भक्त प्रभु के दर्शन करने लगेंगे। भगवान राम की नगरी अयोध्या में इस साल दीपोत्सव भी खास होने वाला है। 2022 में जहां 15.76 लाख दीपों से रामनगरी जगमगाई थीं, वहीं इस बार 21 लाख से अधिक दीयों से रामलला के धाम को रोशन करने की तैयारी है।
21 साल दीयों का रखा गया लक्ष्य
सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि इस बार दीपोत्सव का 21 लाख दीप प्रज्ज्वलन का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। सभी घाटों, मठ-मंदिर, सूर्यकुंड-भरत कुंड के साथ दीपोत्सव में अयोध्या के हर घर में दीप प्रज्ज्वलन के कार्यक्रम होने चाहिए। अभी से इसकी तैयारी प्रारंभ कर दें। अगले वर्ष हमारे श्रीराम आने वाले हैं। अपने घर-महल में विराजमान होने वाले हैं। इसकी तैयारी दीपोत्सव के साथ प्रारंभ होनी चाहिए।
दीपोत्सव की शुरुआत
अयोध्या में योगी सरकार के दौरान राम की पैड़ी पर 2017 में दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी।उस वर्ष 1.71 लाख दीपक एक साथ जलाए गए थे। 2018 में 3,01,152, साल 2019 में 5,50,000 , 2020 में 5,84,000, 2021 में 7,50,000, साल 2022 में 15 लाख 76 हजार दीपक जलाए गए थे।
वैभवशाली नगरी बन रही अयोध्या
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या सबसे वैभवशाली नगरी और जनपद सबसे वैभवशाली बन रहा है। एक एक बार फिर से अयोध्या त्रेतायुग की याद दिला रहा है, जब रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया गया था। आज उस ओर न सिर्फ अयोध्या जा रही है, बल्कि पूरे देश को पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रेरणा भी दे रही है। छह वर्ष पहले लोग अयोध्या का नाम लेने से संकोच करते थे, जबकि उनकी सरकार अयोध्या के विकास के लिए पूरी तरह से तत्पर है। इस समय हर बड़ी सिटी अयोध्या से जुड़ना चाहती है। यह नई अयोध्या है
