Arvind Kejriwal- दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक लड़ाई तेज होने के बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली झांकी को शामिल नहीं करने के मुद्दे पर केंद्र को घेरा है। केजरीवाल ने केंद्र सरकर पर उनकी पार्टी के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति का आरोप लगाया है। रविवार को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक ने मोदी सरकार पर दिल्लीवासियों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।
केजरीवाल का केंद्र पर निशाना
केजरीवाल ने कहा, दिल्ली की झांकी हर साल गणतंत्र दिवस परेड में शामिल की जानी चाहिए क्योंकि यह देश की राजधानी है। यह किस प्रकार की राजनीति है? वे दिल्ली और उसके लोगों से इतनी नफरत क्यों करते हैं? फिर दिल्ली को उन्हें (भाजपा) क्यों वोट देना चाहिए? इन लोगों (भाजपा) के पास दिल्ली चुनाव लड़ने के लिए कोई योजना, कार्यक्रम या मुद्दे नहीं हैं। वे दिन-रात मुझे और मेरी पार्टी को गाली देते हैं। क्या इसी के लिए दिल्ली को उन्हें वोट देकर सत्ता में लाना चाहिए? दिल्ली के लोगों को इससे क्यों रोका जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों से गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली की झांकी को शामिल न किए जाने को लेकर आप (AAP) और भाजपा के बीच विवाद चल रहा है और इसे 2025 के लिए भी शामिल नहीं किया गया है। बिहार, झारखंड, चंडीगढ़, कर्नाटक, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों ने गणतंत्र दिवस 2025 के लिए जगह बनाई है।
दिल्ली की झांकी के बहिष्कार पर केंद्र ने स्पष्टीकरण दिया
रविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र ने जानबूझकर दिल्ली की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड से बाहर रखा, वहीं, रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि झांकी चयन प्रक्रिया निष्पक्ष है, जो एक रोस्टर प्रणाली के तहत आयोजित की जाती है। मंत्रालय ने कहा कि वह हर तीन साल में 15 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भाग लेने की अनुमति देने वाले रोस्टर का पालन करता है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली 2025 के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए राज्यों में से एक था, लेकिन इसके प्रस्ताव को झांकी चयन समिति ने मंजूरी नहीं दी।
2025 के लिए अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियों को शामिल नहीं पर स्पष्टीकरण देते हुए, सरकार ने कहा कि मिजोरम और सिक्किम ने प्रस्ताव पेश नहीं किया, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप ने चयन बैठकों में भाग नहीं लिया। इस बीच, पांच अतिरिक्त राज्यों - पंजाब, आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने इसमें जगह बनाई। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि चयन प्रक्रिया योग्यता और रचनात्मकता पर आधारित है, न कि राजनीतिक संबद्धता पर। उन्होंने कहा कि आप द्वारा शासित होने के बावजूद पंजाब को शामिल किया जाना प्रक्रिया की निष्पक्षता को उजागर करता है।
