Arunachal Pradesh News : चीन की सीमा से सटे बॉर्डर के इलाकों में बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए केंद्र सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। इन क्षेत्रों को विकसित बनाने की दृष्टि से सरकार यहां सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। इसके तहत ही शनिवार को केंद्रीय रेल और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ईंटानगर से पूरे राज्य को 254 मोबाइल टॉवर की सौगात देंगे। बताया जा रहा है कि सभी मोबाइल टॉवर 4जी सर्विसेज के लिए होंगे। जो कि चीन की सीमा से सटे गांव में स्थित होंगे।
कितने रुपये की मिली मंजूरी
केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती 3721 गांवों में बेहतर मोबाइल कनेटिविटी के लिए 2605 टॉवर के निर्माण की मंजूरी दी थी। उसी योजना के पहले फेज में शनिवार को अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईंटानगर में एक कार्यक्रम में इसकी शुरुआत होगी। इस पूरी योजना के लिए करीब 2675 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। ये सभी टॉवर चीन से सटे सीमावर्ती इलाकों के उन 336 गांव में बेहतर कनेक्टिविटी मुहैया करेंगे जिनकी गिनती अभी तक अनकवर्ड स्थानों के तौर की जाती थी। इन क्षेत्रों में अभी तक किसी भी प्रकार की कोई भी मोबाइल कनेटिविटी नहीं थी। इस लांचिंग के बाद उम्मीद है, की इससे करीब 77 हज़ार से ज्यादा सब्सक्राइबर को फायदा मिलेगा, वही महीने में औसत करीब 40 टीबी डेटा का उपयोग करे सकेंगे।
बड़ी संख्या में लोग होंगे लाभान्वित
अरुणाचल प्रदेश समेत नॉर्थ ईस्ट के सीमावर्ती इलाकों में हाई स्पीड मोबाइल कनेक्टिविटी मुहैया कराने के लिए सरकार विशेष योजना पर काम कर रही है। जिसमें कंप्रिहेंसिव टेलकम डेवलपमेंट प्लान फॉर नॉर्थ ईस्टर्न रीजन सबसे प्रमुख है। इस योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश के अनकवर्ड इलाकों के साथ असम के 2 जिलों को विशेष तौर पर शामिल किया गया है। पूरे 2600 टॉवर के लगने के बाद पूरे क्षेत्र के 4जी कनेटिविटी के रेंज में बदल जाने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग लाभान्वित हो सकेंगे। केंद्र सरकार का प्रयास है कि देश के सभी सुदूर इलाकों में बेहतर डिजिटल मोबाइल कनेक्टिविटी नागरिकों को उपलब्ध कराई जा, जिससे सभी लोग लाभान्वित हो सकें।
नॉर्थ ईस्ट के विकास पर जोर दे रही सरकार
मोदी सरकार विकास के अपने उद्देश्य के साथ समानांतर रूप से नॉर्थ ईस्ट के विकास पर भी ध्यान दे रही है। इसकी बानगी केंद्र सरकार के सभी वरिष्ठ नेताओं के भाषणों में भी देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अब तक के कार्यकाल में नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए लगभग एक हजार से ज्यादा मुद्दों पर मंथन किया जा चुका है। बताया जाता है कि इनमें से लगभग सभी का समाधान भी हुआ है। फिलहाल केंद्र सरकार के अथक प्रयास और कामों से नॉर्थ ईस्ट की जनता में खुशी है।
