हमने 100 साल में ऐसी महामारी नहीं देखी, लेकिन अब हमारे पास वैक्सीन है: पीएम मोदी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 26, 2021, 11:29 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा पर वेसाक ग्लोबल समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस को हराने के लिए अब हमारे पास वैक्सीन है।

हमने 100 साल में ऐसी महामारी नहीं देखी, लेकिन अब हमारे पास वैक्सीन है: पीएम मोदी
Photo Credit: Twitter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा पर वेसाक ग्लोबल समारोह को संबोधित कहते हुए कहा कि कोविड-19 दशकों में मानवता के सामने सबसे बुरा संकट है, हमने पिछली एक सदी में ऐसी महामारी नहीं देखी। कोविड-19 के बाद हमारी पृथ्वी पहले जैसी नहीं रहेगी, हम घटनाओं को आने वाले समय में कोविड से पूर्व या कोविड से बाद की घटना के रूप में याद करेंगे। लोगों की जान बचाने और महामारी को हराने के लिए टीका निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण है। कोविड-19 दशकों में मानवता के सामने आया सबसे बुरा संकट है, कोरोना ने दुनिया को बदलकर रख दिया है।

पीएम मोदी ने कहा मैं फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स,डॉक्टरों,नर्सों को एक बार फिर सलाम करता हूं जो निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं और जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। उनके परिजनों के प्रति शोक व्यक्त करता हूं। कई देशों और भारत ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर को महसूस किया। हमने एक सदी से इस तरह की महामारी नहीं देखी।  पिछले एक साल में कई बदलाव हुए। अब हमें महामारी की बेहतर समझ है, हमारे पास वैक्सीन है।

पीएम मोदी ने कहा कि अब इस महामारी को लेकर, बेहतर समझ विकसित हो गई है। हमारे पास टीके उपलब्ध हैं जो लोगों की जान बचाने और महामारी को हराने के लिए महत्वपूर्ण है। भारत को अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है। प्रधानमंत्री ने इस महामारी में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस महामारी में जिन्होंने अपने प्रियजन को खोया और जो इससे पीड़ित रहे, वह उनके दुख में शामिल हैं।

यह आयोजन भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के सहयोग से करता है। इसमें दुनिया भर के बौद्ध संघों के सर्वोच्च प्रमुख शामिल होते हैं। इस समारोह को दुनिया के 50 से अधिक प्रमुख बौद्ध धार्मिक नेता संबोधित करेंगे। वेसाक-बुद्ध पूर्णिमा को गौतम बुद्ध के जन्म, बुद्धत्व की प्राप्ति और महा परिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
 

End of Article