अगर हमारे 20 जवान शहीद हुए हैं तो, चीन के कम से कम दोगुने से भी ज्यादा मारे गए होंगे: जनरल सिंह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 21, 2020, 03:16 PM IST

पूर्व थलसेना अध्य़क्ष और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा है कि गलवान में जहां भारत के 20 जवान शहीद हुए हैं वहीं चीन के दोगुने से भी ज्यादा मारे गए होंगे।

अगर हमारे 20 जवान शहीद हुए हैं तो, चीन के कम से कम दोगुने से भी ज्यादा मारे गए होंगे: जनरल सिंह

नई दिल्ली: गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत सरकार के किसी मंत्री की तरफ से पहली बार बयान आया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह (रिटायर) ने कहा है कि 15 जून को गलवान वैली में हिंसा के दौरान जितने सैनिक भारत के शहीद हुए हैं उसके दोगुनें दूसरी तरफ मारे गए होंगे।  इतना ही नहीं जनरल सिंह ने कहा कि हमने भी चीनी सैनिकों को हिरासत में रखा था जिन्हें छोड़ दिया गया है।

उनके कितने घायल पता नहीं किसी को
न्यूज 24 से बात करते हुए पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सिंह ने कहा, 'अगर हमारे 20 शहीद हुए हैं तो वहां पे कम से कम डबल से ज्यादा ही होंगे। 43 की संख्या आ गई है जो कि आधिकारिक तौर पर दी गई है। वो, वो हैं जो हमारे लोगों ने देखे जो कि गिरे और उनको पड़े दिखाई दिए हैं। उसके अळावा और उसके अंदर कितने घायल हुए होंगे पता नहीं किसी को। तो य कहना कि हमारे लोग खड़े थे और वो आकर डंडे से मार दिए, ऐसा नहीं है। अगर उन्होंने एक मारा है तो हमारों ने दो मारे होंगे।'

हमने भी उनके जवान छोड़े
इसके अलावा जनरल (रिटायर) सिंह ने कहा, 'वो अपने इलाके पर थे, हम अपने इलाके मैं थे। जब झड़प हुई तो कुछ हमारे उनकी तरफ चले गए और कुछ उनके हमारी तरफ आ गए। इसलिए जब कल किसी ने चला रखा था मीडिया के अंदर कि हमारे इतने लोगों को सुबह लौटाया, इसी तरह उके लोगों को लौटाया जो हमारी तरफ आ गए थे।' हालांकि चीन ने अभी तक ये नहीं बताया है कि उसके कितने जवान इस हिंसा में मारे गए हैं।

पीएम मोदी ने कही थे ये बात

 इससे पहले शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा था, ' न तो किसी ने हमारी सीमा में प्रवेश किया है, न ही किसी भी पोस्ट पर कब्जा किया गया है। हमारे 20 बहादुर जवानों ने लद्दाख में राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, लेकिन उन्होंने उन लोगों को सबक भी सिखाया जिन्होंने हमारी मातृभूमि की ओर देखने का दुस्साहस किया। राष्ट्र उनके साहस और बलिदान को हमेशा याद रखेगा।'

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