Rashtravad:बढ़ती महंगाई, संसद में हंगामा, जनता को राहत कब? महंगाई पर सरकार सही या विपक्ष ? 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 20, 2022, 08:04 PM IST

Rising inflation: संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया, मुद्दा है आटा-दाल का  भाव, सिलेंडर का भाव । GST को लेकर हंगामा, कहने के लिए तो मुद्दा बड़ा है ।

Rashtravad:बढ़ती महंगाई, संसद में हंगामा, जनता को राहत कब? महंगाई पर सरकार सही या विपक्ष ? 

अगर आटा-दाल की कीमत बढ़ रही है तो इससे कोई सत्ता या विपक्ष नहीं पूरा देश प्रभावित है । सबको फर्क पड़ता है। लेकिन सचमुच महंगाई इतनी बढ़ गई है ? क्या मोदी सरकार में आम लोगों का महंगाई के खिलाफ जीना मुहाल है । राष्ट्रवाद में आज यही डिबेट का टॉपिक हैसबसे पहले हम आपको वायनाड से सांसद राहुल गांधी जी का एक ट्वीट दिखाते हैं। 

राहुल गांधी कहते हैं कि महंगाई की जूंझती जनता के लिए गब्बर की रेसिपी । कम बनाओ..कम खाओ.., जुमलों के तड़के से भूख मिटाओ इसके अलावे भी लिखा गया है । मित्रों' की अनकही बातें तक सुनने वाले प्रधानमंत्री को
 अब जनता की बात सुननी भी होगी और ये GST वापस लेना भी होगा।

जी हां GST वापस लेने की मांग हो रही है । आज संसद में भी आटा-दाल की कीमत, महंगाई और GST को लेकर शोर हुआ। जिसमें विपक्ष के सांसद वेल में आ गए । उनके साथ में तख्तियां थी। 

बाद में इसकी तस्वीर जो रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट की है वो देखिए । और कांग्रेस समर्थक INC मीडिया ने पूरा वीडियो भी ट्वीट किया। विपक्ष के हंगामे के बाद आज संसद की कार्यवाही ठप हो गई । लोकसभा पहले दो बजे तक फिर कल तक । राज्यसभा में भी यही हाल । 

तीसरे दिन सदन की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गई

गौर हो कि लोकसभा में कांग्रेस, द्रमुक सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने महंगाई, जीएसटी, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर बुधवार को भारी शोर-शराबा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। मानसून सत्र में लगातार तीसरे दिन सदन की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गई।

लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को जब दो बार के स्थगन के बाद शाम चार बजे आरंभ हुई तो सुबह की तरह ही विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए।विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर एलपीजी सहित जरूरी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि, कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरें बढ़ाये जाने जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया था।

अब जो राष्ट्रवाद में सवाल उठता है वो ये है-  

सवाल नंबर 1 
आटे-दाल का भाव बढ़ाने वाला असली 'गब्बर' कौन ?
सवाल नंबर 2 
संसद में हंगामा पर हंगामा,GST की बैठक में चुप्पी  ?
सवाल नंबर 3
महंगाई पर सरकार सही या विपक्ष ? 




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