ITBP के जवानों ने राजपथ पर दिखाई 'जांबाजी', वीडियो देख 'सरहद के सेनानियों' पर होगा गर्व

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 19, 2022, 10:02 AM IST

गणतंत्र दिवस समारोह परेड की तैयारियों के बीच ITBP जवानों के रिहर्सल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें 'सरहद के सेनानियों' की असाधारण वीरता और तालमेल देखने को मिल रही है।

ITBP के जवानों ने राजपथ पर दिखाई 'जांबाजी', वीडियो देख 'सरहद के सेनानियों' पर होगा गर्व
Photo Credit: ANI

नई दिल्‍ली : गणतंत्र दिवस समारोह के लिए तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के बीच गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन सख्‍त प्रोटोकॉल के बीच किया जा रहा है, लेकिन इस बीच राजपथ पर होने वाली परेड को लेकर तैयारियां पहले की तरह ही जारी हैं, जहां भारत के वीर जवानों का एक बार फिर हैरतअंगेज कारनामा देखने को मिलेगा। कड़ाके की ठंड के बीच भी जवान इसकी तैयारियों में जुटे हैं।

गणतंत्र दिवस समारोह के लिए परेड की रिर्हसल लगातार जारी है। इसी बीच बुधवार को राजपथ से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें 'सरहद के सेनानियों' का हैरान कर देने वाला करतब देखने को मिल रहा है। भारत-तिब्‍बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान जिस बहादुरी और तालमेल से परेड की र‍िर्हसल में जुटे हैं, उसे देखकर न केवल हैरानी होती है, बल्कि हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। देखिये राजपथ पर ITBP के जवानों की जांबाजी!

जारी है गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल

गणतंत्र दिवस परेड-2022 की रिहर्सल सोमवार से शुरू हो चुकी है, जो शुक्रवार तक जारी रहेगी। इसके लिए ट्रैफिक को लेकर भी एडवाइजरी जारी की गई है। परेड विजय चौक से शुरू होकर राजपथ होते हुए सी-हेक्सागन तक जाएगी, जिसके लिए ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।

कोविड को देखते हुए इस बार गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वालों की संख्या में कटौती करते हुए इसे 5,000 से 8,000 लोगों तक करने का फैसला लिया गया है, जबकि इस बार फ्रंटलाइन वर्कर्स, ऑटो चालकों, मजदूरों के लिए पहले से सीटें आरक्षित रहेंगी।

वहीं, कोविड की तीसरी लहर के के बीच लगातार दूसरी बार इस साल भी गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि के तौर पर कोई विदेशी मेहमान भारत नहीं आएंगे। मध्‍य एशिया के पांच देशों कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उजबेकिस्तान के नेतृत्‍व को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था, लेकिन कोविड की बढ़ती रफ्तार के बीच भारत अब इन देशों के नेताओं की मेजबानी नहीं करेगा।

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