Republic Day: राजपथ पर पहली बार 1955 में निकली थी गणतंत्र दिवस परेड, इस बार ये कदम बदलेंगे परंपरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 25, 2022, 08:24 PM IST

Republic Day 2022: इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर कई परंपराएं बदल रही है। इस मायने में गणतंत्र दिवस समारोह बेहद खास होने वाला है।

Republic Day: राजपथ पर पहली बार 1955 में निकली थी गणतंत्र दिवस परेड, इस बार ये कदम बदलेंगे परंपरा
Photo Credit: BCCL


नई दिल्ली: देश 73 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद भारत एक संप्रभु गणराज्य बना था। और इसी के उपलक्ष्य में गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जाता है। आम तौर सबके जेहन में गणतंत्र दिवस पर राजपथ की तस्वीर उभरती है। लेकिन इतिहास यह है कि राजपथ पर पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह साल 1955 में मनाया गया था। इसके पहले 1950-1954 के बीच गणतंत्र दिवस समारोह कभी इर्विन स्टेडियम (अब नेशनल स्टेडियम), लाल किला , राम लीला मैदान और किंग्सवे कैंप में आयोजित किया गया। 

इस बार कई मायने में अलग होगा गणतंत्र दिवस

73 वां गणतंत्र दिवस समारोह कई मायने में अहम है। क्योंकि इस बार कई ऐसी परंपराएं है जो इस बार समारोह का हिस्सा नहीं होंगे। आए जानते हैं कि इस बार गणतंत्र दिवस कैसे अलग है...

1. अमर जवान ज्योति पहुंची नेशनल वॉर मेमोरियल 

अमर जवान ज्योति पिछले 50 साल से गणतंत्र दिवस का अहम हिस्सा रही है। इस मौके पर भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओं के अध्यक्ष इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर शहीदों को नमन करते आए हैं। अब इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति का नेशनल वॉर मेमोरियल स्थित अमर जवान ज्योति में विलय कर दिया गया है। 

2.नेता जी सुभाष चंद्र बोस की दिखेगी होलोग्राम छवि

इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंडिया गेट पर नेता जी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम छवि भी दिखाई देगी। सरकार ने इंडिया गेट पर नेता जी की मूर्ति स्थापित करने का ऐलान किया है। और मूर्ति बनने तक होलोग्राम छवि मौजूद रहेगी।

3. अब तक का सबसे बड़ा फ्लाईपास्ट होगा

इस बार राजपथ पर लड़ाकू विमानों का अब तक का सबसे बड़ा फ्लाईपास्ट होगा। इसके तहत भारतीय वायुसेना, सेना और नौसेना के 75 लड़ाकू विमान फ्लाईपास्ट करेंगे। इसमें राफेल, सुखोई, जगुआर जैसे लड़ाकू विमान फ्लाईपास्ट की शोभा बढ़ाएंगो

4. सफाई कर्मचारी ऑटो-रिक्शा चालक को भी आमंत्रण

इस साल निर्माण श्रमिक, सफाई कर्मचारी, फ्रंटलाइन वर्कर्स और ऑटो-रिक्शा चालक को भी आमंत्रित किया गया है। जो कि गणतंत्र दिवस की शोभा बढ़ाएंगे।

5. ड्रोन शो

पहली बार ड्रोन शो गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा होगा। इसके तहत 29 जनवरी को बिटिंग रिट्रीट कार्यक्रम के दौरान  1000 ड्रोन का शो होगा। अमेरिका, चीन, रूस के बाद भारत दुनिया का ऐसा चौथा देश होगा जो इस पैमाने पर ड्रोन शो आयोजित करेगा। आईआईटी दिल्ली के स्टार्ट-अप द्वारा इस ड्रोन शो को आयोजित किया जाएगा।

6.अबाइड विद मी की जगह से सारे जहां से अच्छा 

बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम में इस बार अबाइड विद मी धुन नहीं बजाई जाएगी। यह महात्मा गांधी की पसंदीदा धुन थी। इसे हटाए जाने पर विवाद भी शुरू हो गया। कांग्रेस जहां इस फैसले को महात्मा गांधी की विरासत को खत्म करना बता रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि  अबाइड विद मी की जगह सारे जहां अच्छा धुन को बिटिंग द रिट्रीट के कार्यक्रम में शामिल किया गया है और कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद है।

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