Hathras: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत 5 लोगों को मिली हाथरस जाने की मंजूरी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 3, 2020, 04:23 PM IST

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और 3 अन्य लोगों को हाथरस जाने की मंजूरी मिल गई है। ये सभी हाथरस जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे।

Hathras: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत 5 लोगों को मिली हाथरस जाने की मंजूरी
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली : हाथरस के पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शनिवार को दिल्ली से रवाना हुए। खबर है कि इन दोनों नेताओं को हाथरस जाने की अनुमति मिल गई है। इससे पहले दिल्ली-नोएडा फ्लाईवे पर उन्हें मीडियाकर्मियों का सामना करना पड़ा जहां मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि इस बार भी अगर वे हाथरस नहीं जा पाए तो वे फिर से कोशिश करेंगे। 

बता दें कि कांग्रेस के दोनों नेताओं के साथ पार्टी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी हाथरस जा रहा है। कांग्रेस द्वारा जारी एक वीडियो के मुताबिक, राहुल और प्रियंका एक वाहन में सवार हैं तथा प्रियंका खुद इस वाहन को चला रही हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस के कई सांसद बस में सवार होकर हाथरस के लिए निकले हैं। हाथरस रवाना होने से कुछ देर पहले, राहुल ने कहा कि उन्हें इस दुखी परिवार से मिलने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के कई सांसद हाथरस जाएंगे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल परिवार से मुलाकात कर उनकी चिंताएं सुनेगा और पीड़िता एवं परिवार के लिए न्याय की मांग करेगा।’

इससे पहले, बृहस्पतिवार को पीड़िता के परिवार से मुलाकात के लिए राहुल और प्रियंका के उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस जाते समय पुलिस ने दोनों नेताओं को रोक कर हिरासत में ले लिया था। वहीं, कांग्रेस ने दावा किया कि राहुल और प्रियंका को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था। मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई, जिसके बाद बुधवार तड़के उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात में ही अंतिम संस्कार करने के लिए बाध्य किया। बहरहाल, स्थानीय पुलिस का कहना है कि ‘परिवार की इच्छा के मुताबिक’ अंतिम संस्कार किया गया।

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