Omicron से कैसे हो बचाव? AIIMS चीफ ने सुझाए 2 उपाय, लोगों से की अपील- करें इनका पालन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 22, 2021, 03:05 PM IST

Dr Randeep Guleria on Omicron: कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर चिंताओं के बीच एम्‍स चीफ डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इसे लेकर आगाह किया है और कहा कि इससे बचाव के लिए दो बातों का ख्‍याल रखना व इनका अनुपालन किया जाना बेहद जरूरी है।

Omicron से कैसे हो बचाव? AIIMS चीफ ने सुझाए 2 उपाय, लोगों से की अपील- करें इनका पालन
Photo Credit: BCCL

नई दिल्ली : देश में ओमिक्रोन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इसे कोरोना वायरस के अन्‍य वैरिएंट्स के मुकाबले कहीं अधिक संक्रामक करार देते हुए लोगों से अपील की कि इस संक्रामक वायरस से खुद को बचाने के लिए वे दो प्रमुख बातों का पालन करें। उन्‍होंने कहा कि ये दो ऐसी बातें हैं, जिसका अनुपालन कर लोग इस संक्रामक वायरस से अपनी सुरक्षा कर सकते हैं।  

एम्‍स चीफ ने ओमिक्रोन सहित कोविड के तमाम वैरिएंट्स से बचाव के लिए दो प्रमुख बातों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तो उन सभी लोगों को कोविड रोधी वैक्‍सीन लगवाने की जरूरत है, जो इसके लिए योग्‍य हैं, वहीं दूसरी ओर उन्‍हें कोविड-19 से बचाव के जरूरी प्रोटोकॉल्‍स का पालन करने और इसके अनुकूल व्‍यवहार अपनाने की आवश्‍कता है, जिसमें मास्‍क पहनना, सोशल डिस्‍टेंसिंग और सैनिटाइजेशन प्रमुखता से शामिल है।

बढ़ रहे हैं कोविड केस

एम्‍स निदेशक का यह बयान ऐसे समय में आया है, जबकि देश में अब तक 15 राज्‍यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ओमिक्रोन के 210 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। देश में कोविड के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने इसे लेकर गुरुवार को समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसकी अध्‍यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। बैठक में वह कोविड-19 से संबंधित मामलों और इसके कारण उपजे हालात और इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

यह सबकुछ ऐसे समय में होने जा रहा है, जबकि ओमिक्रोन को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। कई रिसर्च में इसे जहां पहले के कोविड वैरिएंट्स के मुकाबले कई गुना संक्रामक बताया जा रहा है, वहीं यह भी कहा जा रहा है कि इसकी वजह से मरीजों की स्थिति बहुत गंभीर नहीं होगी। ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच कोविड वैक्‍सीन के बूस्‍टर डोज की चर्चा भी सामने आ रही है, जिसे इससे बचाव में कारगर समझा जा रहा है।

एहतियात अपनाना जरूरी

वहीं, जानकारों का यह भी कहना है कि ओमिक्रोन को लेकर अभी बहुत जानकारी सामने नहीं आ पाई है और ऐसे में जब तक इस बारे में विस्‍तृत व ठोस जानकारी सामने नहीं आ जाती, इससे बचाव के लिए सभी एहतियातों का पालन करने की आवश्‍यकता है। वैश्विक स्‍तर पर ओमिक्रोन के मामलों की बात करें तो दुनिया के 106 देशों में अब तक इसके मामले सामने आ चुके हैं। WHO ने चेताया है कि ओमिक्रोन कुछ ही सप्‍ताह के अंदर यूरोपीय देशों पर हावी हो सकता है।

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