COVID-19 New Strain: ब्रिटेन, ब्राजील, चीन सहित इन देशों से आने वालों का मुंबई एयरपोर्ट पर होगा RT-PCR टेस्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 2, 2021, 07:22 AM IST

देश में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों से तीसरी लहर (Corona Third Wave) की आशंका तेज हो गई है। इस बीच नए कोविड स्ट्रेन (New Covid Strain) की वजह महाराष्ट्र सरकार ने एयरपोर्ट पर नई गाइडलाइन जारी की है।

COVID-19 New Strain: ब्रिटेन, ब्राजील, चीन सहित इन देशों से आने वालों का मुंबई एयरपोर्ट पर होगा RT-PCR टेस्ट

मुंबई : COVID-19 के नए वैरिएंट C.1.2 के सामने आने के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने 3 सितंबर से मुंबई एयरपोर्ट पर आने वाले अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। बीएमसी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, ' कोविड के नए स्ट्रेन के सामने आने के बाद, यूके, यूरोप, मध्य पूर्व, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे से मुंबई हवाई अड्डे पर आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए हवाई अड्डे पर आरटी-पीसीआर परीक्षण अनिवार्य किया गया है, जिसका खर्चा वो खुद वहन करेंगे।' 

नए वैरिएंट का भारत में कोई मामला नहीं

 सरकार के नए दिशानिर्देशों के अनुसार हवाई यात्रा करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए संस्थागत क्वारंटाइन का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कुछ नए दिशानिर्देश जारी किए गए थे। सरकारी सूत्रों ने एएनआई को बताया कि नया COVID-19 के नए वैरिएंट C.1.2, जिसे पहली बार दक्षिण अफ्रीका में रिपोर्ट किया गया था, भारत में अब तक नहीं मिला है। COVID-19 के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की तकनीकी प्रमुख मारिया वैन केरखोव ने मंगलवार को कहा था कि C.1.2 वैरिएंट कम से कम छह देशों में पाया गया है।

दक्षिण अफ्रीका में मिला था पहला केस

 WHO के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ताओं ने सबसे पहले 21 जुलाई को WHO वायरस इवोल्यूशन वर्किंग ग्रुप को कोविड के नए वैरिएंट C.1.2 पर अपने निष्कर्ष प्रस्तुत किए।  नए वेरिएंट को पहली बार मई में दक्षिण अफ्रीका में रिपोर्ट किया गया था। शोधकर्ताओं के मुताबिक, C.1.2 वैरिएंट,  मूल वुहान वायरस से 40-59 म्यूटेशन अधिक हैं। इस शोध में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज (एनआईसीडी) और क्वाज़ुलु-नेटाल रिसर्च इनोवेशन एंड सीक्वेंसिंग प्लेटफॉर्म के वैज्ञानिक शामिल थे।

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