Rajya Sabha Chunav: NDA राज्य सभा में पहली बार 100 के पार, क्या बिल पास कराना होगा और आसान?

देश
बीरेंद्र चौधरी
बीरेंद्र चौधरी | न्यूज़ एडिटर
Updated Jun 20, 2020 | 13:30 IST

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सभी एहतियाती उपायों के बीच शुक्रवार को आठ राज्यों में 19 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो गया। भाजपा और क्षेत्रीय दलों का दबदबा चुनाव में देखने को मिला।

राज्यसभा में पहली बार 100 के पार पहुंचा NDA, आसान होगी राह?
NDA crosses 100 for the first time in Rajya Sabha 

मुख्य बातें

  • भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा में अपनी संख्या को किया मजबूत
  • बीजेपी ने नेतृत्व वाले गठबंधन का आंकड़ा 110 के पार पहुंचा
  • आगामी संसद सत्र के दौरान बीजेपी को बिल पारित कराने में नहीं होगी दिक्कत

नई दिल्ली: 24 सीटों के चुनाव के बाद एनडीए राज्य सभा में पहली बार 100 के पार हो गया है और इसका मतलब साफ है कि अब एनडीए सरकार राज्य सभा में आसानी कोई बिल पास करा सकती है। इसके लिए वर्त्तमान राज्य सभा के पार्टी पोजीशन को समझना जरुरी है।

राज्य सभा पार्टी पोजीशन: एनडीए        
 

    पार्टी सीट
बीजेपी 86
एआईएडीएमके 9
जेडीयू 5
अकाली दल 3
अन्य  10
कुल 113

राज्य सभा पार्टी पोजीशन: यूपीए  

    पार्टी सीट
कांग्रेस 44
डीएमके 7
आऱजेडी 5
एनसीपी 4
शिवसेना 3
जेडीएस 1
अन्य 4
कुल  68

                         

राज्य सभा पार्टी पोजीशन: अन्य      

    पार्टी सीट
टीएमसी   13
बीजेडी 9
एसपी 8
टीआरएस 7
वाईएसआरपी 6
सीपीएम 5
बीएसपी 4
आप 3
पीडीपी 2
अन्य 7
कुल 64

राज्य सभा पार्टी पोजीशन

पार्टी सीट
एनडीए 113
यूपीए 68
अन्य 64
कुल 245

उपरोक्त आंकड़ों के कई अर्थ हैं।

पहला,  एनडीए 2014 से भारत में सत्ता में है और तभी से उसे लोक सभा में भारी बहुमत प्राप्त है  लेकिन एनडीए पहली बार राज्य सभा में 100 से ज्यादे सीटें मिली हैं। इसी वजह से एनडीए को हमेशा राज्य सभा में किसी बिल को पास कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ती रही है जबकि लोक सभा में भारी  बहुमत होने की वजह से बिल पास कराना हमेशा से आसान रहा है।

दूसरा,  राज्य सभा की कुल सदस्य संख्या 245 है और किसी बिल को पास कराने के लिए 123 सदस्यों का समर्थन होना चाहिए जबकि एनडीए के पास 113 सदस्यों की संख्या है। लेकिन एनडीए अभी भी स्पस्ट बहुमत से 10 कदम दूर है। इसका मतलब है कि एनडीए बिल तो पास करा लेगी लेकिन उसके लिए उसे 10 सदस्यों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।

तीसरा, अब सवाल उठता है कि एनडीए को 10 सदस्यों का समर्थन कहाँ से मिलेगा? इसके लिए अन्य के खातों को खंगालना होगा और देखना होगा कि कौन कौन से दलों ने पूर्व में एनडीए को राज्य सभा में अपना समर्थन दिया है। अन्य के खातों में ऐसे कई दल हैं जिन्होने राज्य सभा में एनडीए को बड़े ही क्रूसियल बिल को पास कराने में मदद की है। ऐसी मदद करने वाले दलों में नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी, चन्द्रशेखर राव की पार्टी टीआरएस और जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी शामिल रही हैं। यदि फिर से ऐसा ही होता है तो एनडीए के लिए राज्य सभा में पार्टी पोसिशन इस प्रकार बनेगा :

राज्य सभा: एनडीए को संभावित समर्थक  

पार्टी/गठबंधन सीट
एनडीएस  113
बीजेडी 9
वाईएसआरसीपी 6
टीआरएस 7
कुल 135

बिल पास कराने में आसानी

उपरोक्त आंकड़े कहते हैं कि यदि तीनों दलों ने राज्य सभा में एनडीए को समर्थन दे दिया तो कोई भी बिल आसानी से पास हो जाएगा और यदि तीन में से दो दल भी अपना समर्थन दे देती है तो भी बिल पास हो जाएगा।

आखिर में एनडीए पहली बार राज्य सभा में 100 का आंकड़ा पार कर गयी है इसका मतलब ये कि एनडीए अपने बहुमत के बल पर जिस प्रकार लोक सभा में बिल पास कराती है उतनी आसानी से राज्य सभा में तो नहीं करा पाएगी क्योंकि अभी भी उसे 113 सीटें ही है जो बहुमत से 10 कदम दूर है। हाँ इतना जरूर है कि 10 की कमी को पूरा करना बहुत कठिन नहीं होगा।

(डिस्क्लेमर: लेखक टाइम्स नाउ में न्यूज एडिटर हैं और प्रस्तुत लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं और टाइम्स नेटवर्क इन विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता है।)

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