पंजाब में सिद्धू को मिली बड़ी जिम्मेदारी, क्रिकेटर से लेकर कॉमेडी शो में जज तक, कई भूमिकाओं में आ चुके नजर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 24, 2021, 08:41 AM IST

Navjot Singh Sidhu: पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस में चुनाव से कुछ महीनों पहले बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले वो कई भूमिकाओं में नजर आ चुके हैं।

पंजाब में सिद्धू को मिली बड़ी जिम्मेदारी, क्रिकेटर से लेकर कॉमेडी शो में जज तक, कई भूमिकाओं में आ चुके नजर

नई दिल्ली: नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बाद आखिरकार 23 जुलाई को सिद्धू ने उन्हीं ही मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यभार संभाला। पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू समय-समय पर अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आए हैं। इस बार उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली है, क्योंकि पंजाब में अगले साल की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अगले कुछ महीनों में ही उनका टेस्ट होने वाला है।

कई भूमिकाओं में दिखे

20 अक्टूबर 1963 को जन्मे सिद्धू एक भारतीय राजनीतिज्ञ, टेलीविजन पर्सनलिटी और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और कमेंटेटर हैं। 2017 में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री बने थे। 

क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद उन्होंने कमेंट्री शुरू की और टेलीविजन की ओर रुख किया। वो विशेष रूप से कॉमेडी शो के जज के रूप में दिखे। कॉमेडी नाइट्स विद कपिल (2013-2015) और बाद में द कपिल शर्मा शो (2016-2019) में दिखे। सिद्धू रियलिटी टेलीविजन शो बिग बॉस (2012) में प्रतियोगी बने।

2017 में BJP से कांग्रेस में आए

2017 में कांग्रेस में आने से पहले सिद्धू लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में रहे। वो 2004 में भाजपा में शामिल हुए और अमृतसर से आम चुनाव लड़ा। उन्होंने चुनाव जीता और 2014 तक यहां से सांसद रहे। 2016 में बीजेपी ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया था। इसी साल उन्होंने इस्तीफा दे दिया और पार्टी छोड़ दी। 2017 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए और अमृतसर पूर्व से पंजाब विधानसभा के लिए चुने गए।

सिद्धू ने भारत के लिए 51 टेस्ट और 136 वनडे मैच खेले। उन्हें उनकी छक्के मारने की क्षमता के लिए जाना जाता था, इसलिए उनका नाम भी 'सिक्सर सिद्ध' पड़ गया। 7000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। 1999 में उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया। 

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