जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा पर 9,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च, धारा 370 हटने के बाद से वर्ष 2021 तक हुआ व्यय

केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त करने के बाद से इस केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा पर वर्ष 2021 तक 9,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए।

More than 9,000 crores spent on security in Jammu and Kashmir, since the removal of Article 370, the expenditure till the year 2021
जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा पर खर्च 

नई दिल्ली: अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के 28 महीनों में, केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 9,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए। विशेष रूप से सुरक्षा पर खर्च किए गए। 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 और 35 (ए) के तहत मिलने वाले विशेष राज्य का दर्जा को खत्म कर जम्मू और कश्मीर को जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया तब से सुरक्षा संबंधी व्यय (पुलिस) स्कीम के तहत यह राशि को जम्मू और कश्मीर को भुगतान किया गया।

एमएचए की हाल ही में प्रकाशित वार्षिक रिपोर्ट 2020-2021 में इन तथ्यों का उल्लेख है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि "सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए, भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार को सुरक्षा संबंधी व्यय (पुलिस) योजना के तहत 9,120.69 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस राशि में 448.04 करोड़ रुपए शामिल हैं जो 31 दिसंबर, 2020 तक जम्मू-कश्मीर के विभाजन के बाद से खर्च किए गए थे।

इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है, MHA ने जम्मू और कश्मीर के लिए पांच इंडिया रिजर्व (IR) बटालियन, दो बॉर्डर बटालियन और दो महिला बटालियन बनाने को भी मंजूरी दी है। पांच इंडिया रिजर्व  बटालियन के लिए भर्ती पहले ही पूरी हो चुकी है। MHA के अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की निगरानी और नियमित रूप से जम्मू-कश्मीर सरकार, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समीक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय (MHA) भी उपरोक्त सभी एजेंसियों और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर सुरक्षा स्थिति की बारीकी से और लगातार निगरानी करता है। सीमा पार से घुसपैठ को रोकने के लिए बहु-आयामी दृष्टिकोण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहु-स्तरीय तैनाती भी शामिल है। सीमा या नियंत्रण रेखा, सीमा पर बाड़, बेहतर खुफिया और परिचालन समन्वय, सुरक्षा बलों को उन्नत हथियारों से लैस करना और घुसपैठियों के खिलाफ सक्रिय कार्रवाई करना।

इसमें यह भी बताया गया है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधान मंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी-2015) के तहत तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य के लिए 80,068 करोड़ रुपए के विकास पैकेज की घोषणा की है, जिसमें महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 63 प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं, जैसे सड़क, बिजली, नई और अक्षय ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधन, खेल, शहरी विकास, रक्षा और वस्त्र।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 63 परियोजनाओं में से 54 परियोजनाएं केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में 58,627 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ लागू की जा रही हैं। इसमें कहा गया है कि 20 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या काफी हद तक पूरी हो चुकी हैं और अन्य कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। 30 नवंबर, 2020 तक, विभिन्न परियोजनाओं के लिए 32,136 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है, जिसमें से 30,553 करोड़ रुपए का उपयोग किया गया है।

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