कर्नाटक की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण हैं लिंगायत, जिसको मिला साथ उसकी बनी सरकार, समझें पूरा गणित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 25, 2021, 03:21 PM IST

Karnataka Lingayat community and BS Yeddyurappa: कर्नाटक में लिंगायत समुदाय का राजनीति पर काफी प्रभाव है और इस समुदाय पर बीएस येदियुरप्पा की मजबूत पकड़ है।

कर्नाटक की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण हैं लिंगायत, जिसको मिला साथ उसकी बनी सरकार, समझें पूरा गणित
Photo Credit: ANI

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को न केवल लिंगायत समुदाय से, बल्कि समुदाय के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और राज्य के विभिन्न लिंगायत मठों के संतों से भी भारी समर्थन मिल रहा है। वरिष्ठ भाजपा येदियुरप्पा की लिंगायत समुदाय पर मजबूत पकड़ है। हाल ही में जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित केंद्रीय भाजपा नेताओं से मुलाकात की, तो 78 साल के येदियुरप्पा के पद छोड़ने की बात तेज हो गई। उन्होंने खुद 26 जुलाई के बाद पद छोड़ने का संकेत दिया।

इस बीच, राज्य भर में विभिन्न लिंगायत मठों के 100 से अधिक संतों ने येदियुरप्पा से मुलाकात की और उन्हें समर्थन की पेशकश की और भाजपा को चेतावनी दी कि अगर उन्हें हटाया गया तो परिणाम भुगतने होंगे।

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