सलमान खुर्शीद की किताब पर कांग्रेस में 'खिलाफत' सुर, गुलाम नबी आजाद ने उठाए सवाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 11, 2021, 10:32 PM IST

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले सलमान खुर्शीद कांग्रेस के लिए कहीं मुश्किल ना खड़ी कर दे। उन्होंने अपनी किताब में हिंदुत्व को आईएस और बोको हराम से तुलना की है और इस विषय पर कांग्रेस में विरोध हो रहा है।

सलमान खुर्शीद की किताब पर कांग्रेस में 'खिलाफत' सुर, गुलाम नबी आजाद ने उठाए सवाल

कांग्रेस के कद्दावर नेता सलमान खुर्शीद ने एक किताब लिखी है जिसका नाम सनराइज ओवर अयोध्या- नेशनहुड इन ऑवर टाइम्स। इस किताब में द सैफ्रन स्काई नाम के चैप्टर में वो लिखते हैं कि साधु संत जिस सनातन धर्म को मानते हैं उससे इतर  हिंदुत्व के एक ऐसे वर्जन को आगे किया जा रहा है जो आईएसआईएस और बोको हराम की तरह है। हिंदुत्व का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। लेकिन कांग्रेस के ही कद्दावर नेता गुलाम नबी आजाद कहते हैं कि इस तरह की तुलना ठीक नहीं है। 

गुलाब नबी आजाद ने जताई आपत्ति
गुलाम नबी आजाद ने ट्वीट करते हुए कहा कि हम एक राजनीतिक दल या विचार के तौर पर हिंदुत्व की परिभाषा या व्याख्या से असहमत हो सकते हैं। लेकिन आईएसआईएस और बोको हराम से तुलान करना गलत और अतिशयोक्ति है। आजाद ने कहा कि हमें किसी पर टिप्पणी करते हुए संदर्भ को समझना चाहिए। सिर्फ राजनीतिक तौर पर सुर्खियों में बने रहने का फॉर्मूला कारगर नहीं होता है। 


देश विभाजन के लिए कांग्रेस के तत्कालीन नेता जिम्मेदार
एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि वो मैं आरएसएस, बीजेपी और सपा के लोगों को चुनौती देता हूं जो पढ़ते नहीं हैं। बंटवारा मुसलमानों के कारण नहीं जिन्ना के कारण हुआ। उस समय केवल वही मुसलमान वोट कर सकते थे जो प्रभावशाली, नवाब या डिग्री धारक थे। विभाजन के लिए कांग्रेस और उस समय के नेता जिम्मेदार थे।

बीजेपी ने साधा निशाना
सलमान खुर्शीद की किताब पर बीजेपी के नेता सोनिया और राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं।बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि दरअसल यह विचार तो सोनिया और राहुल गांधी के हैं, खुर्शीद की किताब बस माध्यम है। जिस पार्टी का बहुसंख्यक आबादी के लिए इस तरह का रुख हो उससे आप देश भलाई की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। वोटों की फसल काटने के लिए जब कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस तरह के बीज बोए जाएंगे तो नतीजे क्या आएंगे कोई भी समझ सकता है।



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