आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों पर हरियाणा के कृषि मंत्री का कैसा बयान- वे घर रहते तब भी मर जाते

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 14, 2021, 07:17 AM IST

जेपी दलाल ने कहा, 'मेरी बात सुनिए, क्या एक से दो लाख लोगों में से छह महीने में दो सौ लोग नहीं मरते? कोई दिल का दौरा पड़ने से मर रहा है और कोई बीमार पड़ने से।' 

आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों पर हरियाणा के कृषि मंत्री का कैसा बयान- वे घर रहते तब भी मर जाते

चंडीगढ़: विभिन्न विरोध प्रदर्शन स्थलों पर हुई किसानों की मौत पर हरियाणा के कृषि मंत्री जे. पी. दलाल ने शनिवार को विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि वे (किसान) घर पर रहते तब भी उनकी मौत हो जाती। कथित तौर पर दो सौ किसानों की मौत के बारे में भिवानी में एक संवाददाता द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दलाल ने यह बात कही। उन्होंने कहा, 'वे (किसान) घर रहते तब भी मर जाते।'

दलाल ने कहा, 'मेरी बात सुनिए, क्या एक से दो लाख लोगों में से छह महीने में दो सौ लोग नहीं मरते? कोई दिल का दौरा पड़ने से मर रहा है और कोई बीमार पड़ने से।' 

बयान देने के कुछ घंटों बाद दलाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। यदि कोई इससे आहत हुआ है तो मैं माफी मांगता हूं। कृषि मंत्री ने कहा कि वह किसानों के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे। 

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दलाल के बयान की आलोचना की और कहा कि ऐसा बयान कोई असंवेदनशील व्यक्ति ही दे सकता है। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने भी दलाल के बयान की आलोचना की।
 

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