जम्मू-कश्मीर से गुलाम अली राज्यसभा के लिए मनोनीत, उच्च सदन जाने वाले गुर्जर मुस्लिम समुदाय के पहले व्यक्ति 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 10, 2022, 11:58 PM IST

केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर के गुर्जर मुस्लिम गुलाम अली को राज्यसभा के लिए नॉमनेट किया है, शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर से गुलाम अली राज्यसभा के लिए मनोनीत, उच्च सदन जाने वाले गुर्जर मुस्लिम समुदाय के पहले व्यक्ति 

नई दिल्ली : केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर के गुर्जर मुस्लिम गुलाम अली को राज्यसभा के लिए नॉमनेट किया। केंद्र सरकार ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के गुर्जर मुस्लिम समुदाय के गुलाम अली को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। यह संभवत: पहली बार है, जब क्षेत्र के गुर्जर मुस्लिम समुदाय के किसी व्यक्ति को मनोनीत सदस्य के रूप में उच्च सदन में भेजा गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (एक) के उप-खंड (ए) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, जो उसी अनुच्छेद के खंड (3) में शामिल है, राष्ट्रपति एक मनोनित सदस्य के सेवानिवृत्त होने से रिक्त हुई जगह को भरने के लिए गुलाम अली को राज्यसभा के लिए नामित करती हैं।

बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने नियुक्ति की सराहना करते हुए इसे एक "महत्वपूर्ण कदम" बताया क्योंकि यह घाटी में रहने वाले गुर्जर समुदाय को मान्यता देता है। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने भारत सरकार की सिफारिश पर जम्मू-कश्मीर से गुर्जर मुस्लिम श्री गुलाम अली को राज्यसभा के लिए नियुक्त किया है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, यह मानते हुए कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से पहले, समुदाय को वस्तुतः मान्यता नहीं दी गई थी और उन्हें सभी सामाजिक लाभों से वंचित कर दिया गया था।

इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने से पहले इस समुदाय का विधायी निकायों में बहुत कम प्रतिनिधित्व था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद-370 को निरस्त कर दिया था और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र-शासित प्रदेशों-जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। अनुच्छेद-370 में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया था।
 

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