Visakhapatnam Gas Leak: विशाखापट्टनम दवा फैक्ट्री में गैस लीक से दो मजदूरों की मौत, चार की हालत गंभीर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 30, 2020, 09:43 AM IST

Gas leak in Visakhapatnam : आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम की एक दव फैक्ट्री में बेंजिमिडाजोल गैस का रिसाव हुआ है जिससे वहां अफरा तफरी मच गई, हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है।

Visakhapatnam Gas Leak: विशाखापट्टनम दवा फैक्ट्री में गैस लीक से दो मजदूरों की मौत, चार की हालत गंभीर

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक बार फिर गैस लीक होने की घटना की खबर है, बताया जा रहा है कि ये हादसा एक दवा कंपनी में हुआ है, जहां सोमवार देर रात एक दवा कंपनी में गैस लीक होने के बाद दो लोगों की मौत हो गई है जबकि चार लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, इस घटना के बाद से वहां हड़कंप मच गया है।

लोगों ने बताया कि गैस लीक होते ही सभी कर्मचारी बाहर की ओर भागे जिले के कलेक्टर पुलिस कमिश्नर और कुछ और अधिकारी फार्मा कंपनी में पहुंचे और वहां पर राहत के कार्यों को शुरु कराया साथ ही गैस लीक के कारणों का पता लगाने की भी कोशिशें की जा रही हैं।

गैस लीक सैनर लाइफ साइंस फार्मा कंपनी से हुई और लीक हुई गैस बेंजीमिडाजोल बताई जा रही है, जो जहरीली होती है इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई हालांकि, गैस के रिसाव के कुछ समय बाद हालात पर काबू पा लिया गया, मरने वालों दोनों लोग श्रमिक हैं और फैक्ट्री में ही काम करते हैं वहीं पुलिस ने बताया कि जिन लोगों की मौत हुई है वे लीकेज वाले स्थान पर मौजूद थे अब स्थिति नियंत्रण में है।

जिन लोगों की मौत हुई, वे साइट पर मौजूद थे वहीं गैस के कहीं और नहीं फैलने की बात सामने आ रही है और स्थिति पर नियंत्रण बताया जा रहा है, राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मामले की जानकारी ली है आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, फैक्ट्री में यह हादसा देर रात हुआ। इसके तुरंत बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया और जरूरी कदम उठाए गए हैं।


मई में भी विशाखापट्टनम में हुआ था बड़ा गैस हादसा

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित एलजी पॉलीमर रासायनिक संयंत्र से हुए गैस रिसाव हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी और 1,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए थे, जिनमें से कई लोग इस जहरीली गैस से बचने की कोशिश में जमीन पर गिर गये थे।सैकड़ों की संख्या में लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चला था। हादसे के बाद करीब 20 गांवों के लोगों को दूसरी जगहों पर ले जाया गया। इस रासायनिक संयंत्र से रात के ढाई बजे स्टाइरीन गैस का रिसाव होना शुरू हुआ था। 

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