नई दिल्ली। शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ ही पूरे देश में टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि हमें दवाई भी, कड़ाई भी के सूत्र पर आगे बढ़ना होगा। इसके साथ ही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। यह बात अलग है कि कांग्रेस के साथ साथ कुछ राजनैतिक दलों से सवाल उठाया गया। लेकिन पहले दिन के आंकड़े अपने आप में बहुत कुछ कहते हैं। देशभर में टीकाकरण अभियान के पहले दिन 1.91 लाख से अधिक लाभार्थियों को टीका लगाया गया और अब तक टीकाकरण के बाद अस्पताल में भर्ती होने का कोई मामला सामने नहीं आया है। कुल 3,351 साइटों पर टीकाकरण सत्र के आयोजन में कुल 16,755 कर्मचारी शामिल रहे। खास बात यह है कि कोविन ऐप में तकनीकी खामी की वजह से महाराष्ट्र में वैक्सीनेशन कार्यक्रम को 18 जनवरी तक रोक दिया गया है।
करीब 1.91 लाख लोगों को पहले दिन लगा टीका
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 के लिए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के पहले दिन 1,91,181 लाभार्थियों को वैक्सीन दी गई है।स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने कहा कि टीकाकरण के बाद अभी तक अस्पताल में भर्ती होने का कोई मामला सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि कुल 51 लोगों ने थोड़ी बहुत परेशानी की शिकायत की थी। लेकिन उसमें से 50 लोगों को 30 मिनट के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। एम्स प्रशासन का कहना है कि COVID19 टीकाकरण प्राप्त करने के बाद सुरक्षा गार्ड ने एलर्जी की शिकायत की। ऐहतियातन उसे अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
दिल्ली एम्स में कोवैक्सीन की डोज
अतिरिक्त सचिव ने कहा कि पहले दिन टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। भारत में पहला कोरोनावायरस मामले का पता चलने के लगभग एक साल बाद विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। देश में अभी तक एक करोड़ से अधिक संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इसकी वजह से 1.5 लाख से अधिक अपनी जान गंवा चुके हैं। दिल्ली के एम्स में लाभार्थियों को कोवैक्सीन दी गई जिसे एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया के साथ साथ नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल भी शामिल थे।

आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा टीकाकरण
आंध्र प्रदेश ने सबसे अधिक लाभार्थियों को टीका लगाया, उसके बाद बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में सबसे अधिक लोगों को वैक्सीन दी गई।दिल्ली में पहले दिन 3,403 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई।केंद्र सरकार ने पहले दिन तीन लाख से अधिक लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था।स्वास्थ्य अधिकारी अगनानी ने कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (को-विन) एप्लिकेशन के साथ हुई दिक्कतों के बारे में भी बात की।उन्होंने कहा कि कुछ सत्र स्थलों पर लाभार्थी सूची को अपलोड करने में देरी हुई।

