Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोनिया गांधी से की मुलाकात, ट्विटर पर कही ये बात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 19, 2022, 03:41 PM IST

Shashi Tharoor: शशि थरूर 23 कांग्रेस नेताओं के समूह का हिस्सा नहीं रहे हैं, लेकिन वह पार्टी के भीतर सुधार लाने के लिए मुखर रहे हैं। इस साल मार्च में शशि थरूर ने जी-23 नेताओं से मुलाकात की थी।

Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोनिया गांधी से की मुलाकात, ट्विटर पर कही ये बात
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Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। शशि थरूर की ओर से पार्टी में सुधारों का सुझाव देने के लिए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पहल का समर्थन करने के तुरंत बाद ये बैठक हुई। शशि थरूर पार्टी के साथी नेताओं दीपेंद्र हुड्डा, जय प्रकाश अग्रवाल और विजेंद्र सिंह के साथ सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंचे।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोनिया गांधी से की मुलाकात

इससे पहले दिन में शशि थरूर ने उस ऑनलाइन याचिका की पैरवी की जिसमें पार्टी के युवा सदस्यों ने सुधारों की मांग की और कहा है कि अध्यक्ष पद के हर उम्मीदवार को ये संकल्प लेना चाहिए कि निर्वाचित होने पर वह ‘उदयपुर नवसंकल्प’ को पूरी तरह लागू करेगा। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के बारे में विचार कर रहे लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने ट्विटर पर ये याचिका शेयर की और कहा कि अब तक इस पर 650 से अधिक लोगों ने साइन किए हैं।

इस ऑनलाइन याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस के सदस्य के तौर पर हमारी ये इच्छा है कि पार्टी को इस तरह मजबूत किया जाए कि उसमें हमारे राष्ट्र की आशाओं और आकांक्षाओं की झलक मिले। साथ ही इसमें ये भी कहा गया है कि हम कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार से अपील करते हैं कि वह ये संकल्प ले कि ब्लॉक कमेटी से लेकर कांग्रेस कार्य समिति तक, पार्टी के सभी सदस्यों को वह साथ लेकर चलेगा और पदभार ग्रहण करने के 100 दिनों के भीतर उदयपुर नवसंकल्प को पूरी तरह लागू करेगा। 

पार्टी के भीतर सुधार लाने के लिए मुखर रहे हैं शशि थरूर

शशि थरूर 23 कांग्रेस नेताओं के समूह का हिस्सा नहीं रहे हैं, लेकिन वह पार्टी के भीतर सुधार लाने के लिए मुखर रहे हैं। इस साल मार्च में शशि थरूर ने जी-23 नेताओं से मुलाकात की थी। जी-23 गुट कांग्रेस नेताओं का एक समूह है जो पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के पूर्ण परिवर्तन की मांग कर रहा है और आंतरिक चुनावों के माध्यम से एक नए पार्टी अध्यक्ष की नियुक्ति की भी मांग की है। राहुल गांधी के 2019 में पद छोड़ने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष का पद खाली हो गया था।

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