Colonel Kirori Singh Bainsla : गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का निधन, जयपुर में ली अंतिम सांस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 31, 2022, 08:32 AM IST

Colonel Kirori Singh Bainsla died : गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला का निधन हो गया है। बैंसला ने जयपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Colonel Kirori Singh Bainsla : गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का निधन, जयपुर में ली अंतिम सांस

Colonel Kirori Singh Bainsla died: गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला का निधन हो गया है। बैंसला ने जयपुर के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बैंसला के निधन पर लोग ट्विटर पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अजमेर से भाजपा सांसद भगीरथ चौधरी ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि कर्नल किरोड़ी सिंह जी बैंसला के निधन के समाचार दुःखद है। समाज सुधार एवं समाज को संगठित करने में आपका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को आपने श्री चरणों में स्थान एवं परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। बैंसला के बेटे विजय ने भी अपने पिता की मौत की पुष्टि की है। 

भाजपा राजस्थान के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने भी बैंसला के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि 'कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी नहीं रहे, श्रीहरि उन्हें अपने चरणों में स्थान दे। ॐ शांति'

जयपुर नगर निगम की मेयर ने शोक जताया
जयपुर नगर निगम की मेयर सौम्या गुर्जर ने लिखा है कि 'कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी नहीं रहे , श्रीहरि उन्हें अपने चरणों में स्थान दे । ॐ शांति। कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने लिखा- कर्नल किरोड़ी सिंह जी बैंसला के निधन का समाचार सुनकर मन व्यथित है। सामाजिक एकता के लिए समर्पित उनका जीवन सदैव प्रेरणा देता रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि!'

गुर्जर आंदोलन को दी नई ऊंचाई
गुर्जर नेता बैंसला कई दिनों से बीमार चल रहे थे। पिछले दिनों ही उन्होंने अपने बेटे विजय बैंसला को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की कमान सौंप दी थी। किरोड़ी सिंह बैंसला सेना में कर्नल थे। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और गुर्जर आंदोलन को एक नई धार एवं पहचान दी।

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