छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता पर चाहिए निशुल्क कोरोना वैक्सीन, CM बघेल ने PM को लिखा पत्र

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 2, 2020, 06:51 PM IST

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि उनके राज्य को प्राथमिकता के आधार पर निशुल्क कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए।

छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता पर चाहिए निशुल्क कोरोना वैक्सीन, CM बघेल ने PM को लिखा पत्र

नई दिल्ली: देश में कोरोना वैक्सीन पर कई दवा कंपनियां काम कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही देश की जनता के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। लेकिन इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। सीएम बघेल ने पीएम मोदी से अपील की है कि छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता से टीका उपलब्ध कराया जाए और ये निशुल्क हो। 

बघेल ने पत्र में लिखा है, 'केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संकेत दिया है कि निकट भविष्य में वैक्सीन उपलब्ध होने की संभावना है जो मानवता के लिए बड़ी उपलब्धि है। कोविड 19 टीकाकरण कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य पूरी तरह से तैयार है। आपसे अनुरोध है कि उक्त कार्यक्रम में कृपया छत्तीसगढ़ को जो प्रमुख रूप से आदिवासी बाहुल्य राज्य है- प्राथमिकता से पहले चरण में ही शामिल करते हुए कोविड 19 टीकाकरण निशुल्क प्रदान करें।'

उन्होंने आगे लिखा, 'इस टीकाकरण हेतु राज्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के अलावा- पुलिस बल, राजस्व विभाग, शहरी विकास विभाग, ग्रामीण पंचायत विभाग के फ्रंट लाइन वर्कर्स और मीडियाकर्मियों जैसे कोरोना योद्धाओं को भी सम्मिलित करना चाहेगा।' 

'हर किसी को वैक्सीन की जरूरत नहीं'

वहीं कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सरकार का कोविड-19 वैक्सीन को प्रत्येक व्यक्ति को देने का कोई इरादा नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा, 'वैक्सीन हिचकिचाहट एक अंतर्निहित मुद्दा है, जिसका प्रतिकूल घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है। आबादी का एक वर्ग सोचता है कि इसे टीकाकरण की आवश्यकता नहीं है।' इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक (डीजी) प्रो. बलराम भार्गव ने भी कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि पहले जनसंख्या के एक बड़े पैमाने पर टीकाकरण करके वायरस की श्रृंखला को तोड़ा जाए। 

उन्होंने कहा, 'हमारा उद्देश्य वायरस की श्रृंखला को तोड़ना है। अगर हम थोड़ी आबादी (क्रिटिकल मास) को वैक्सीन लगाकर कोरोना ट्रांसमिशन रोकने में कामयाब रहे तो शायद पूरी आबादी को वैक्सीन लगाने की जरूरत न पड़े।'

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