'जनरल रावत अमर रहे' नारों के बीच पंचतत्व में विलीन हुए देश के पहले CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत, बेटियों ने दी मुखाग्नि

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 10, 2021, 05:55 PM IST

देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के पार्थिव शरीर का आज अंतिम संस्कार हो गया। उन्हें आखिरी विदाई में 17 तोपों की सलामी दी गई।

'जनरल रावत अमर रहे' नारों के बीच पंचतत्व में विलीन हुए देश के पहले CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत, बेटियों ने दी मुखाग्नि

नई दिल्ली : देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली छावनी में बरार स्क्वेयर अंत्येष्टि स्थल पर हुआ।  उनकी बेटियों ने मुखाग्नि दी। उनकी आखिरी विदाई में 17 तोपों की सलामी दी गई। उन्हें आखिरी सलाम करने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा कई अन्य गणमान्य लोगों ने आज जनरल रावत और उनकी पत्नी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए।

इस मौके पर करीब 800 सैन्यकर्मियों के साथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री किरेन रिजिजू, भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन और भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस भी भारत के पहले सीडीएस के अंतिम संस्कार में मौजूद थे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अंत्येष्टि स्थल पहुंचकर जनरल रावत और उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि दी।

इससे पहले, अंतिम यात्रा में उमड़े लोगों के हुजूम ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जनरल रावत अमर रहें’ जैसे नारे लगाए। अंत्येष्टि स्थल पर भी लोग देशभक्ति के नारे लगा रहे हैं। जनरल रावत की अंतिम यात्रा उनके आधिकारिक आवास से शुरू हुई। रास्ते में हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आम लोग फूलों से सजे उस वाहन के साथ दौड़ते नजर आए जिसमें जनरल रावत और उनकी पत्नी का शव रखा था। रास्ते में लोगों ने अपने वाहन रोककर भी देश के सबसे बड़े सैन्य अधिकारी को नम आंखों से विदाई दी। तिरंगे में लिपटे ताबूत में रखे जनरल रावत के अवशेषों को जैसे ही फूलों से सजी तोपगाड़ी में गाड़ी रखा गया, लोगों ने फूलों की पंखुड़ियों की बौछार की।

हेलीकॉप्टर हादसे में देश के पहले सीडीएस, उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्यकर्मियों के निधन के बाद पूरे देश में शोक का माहौल है। बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर के पास एक एमआई17वी5 हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्यकर्मियों का निधन हो गया था। भारत के पहले सीडीएस के रूप में, जनरल रावत को सेना के तीनों अंगों के बीच थिएटर कमान और संयुक्तता लाने का काम सौंपा गया था। 

जनरल रावत और उनकी पत्नी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जाने से पहले उनके आधिकारिक आवास में रखा गया, ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। देश की विभिन्न हस्तियों ने जनरल रावत के आधिकारिक आवास 3, कामराज मार्ग पहुंचकर उनके और उनकी पत्नी के अंतिम दर्शन किए तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
 

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