बच्चों के लिए टीका लाने की तैयारी में कैडिला, जून में वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मांग सकती है इजाजत  

Covid 19 Vaccine : कंपनी का कहना है कि टीके को मंजूरी मिल जाने के बाद उसकी योजना अहमदाबाद और वडोदरा स्थित अपने संयंत्रों में हर साल 24 करोड़ वैक्सीन बनाने की है।

Cadila Healthcare eyes approval for Covid vaccine by June in India: Report
बच्चों के लिए टीका लाने की तैयारी में कैडिला।  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए टीका बना रही कंपनी
  • 1500 से ज्यादा बच्चों पर जायकोव डी टीके का परीक्षण किया है
  • कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के निशाना बनने की है आशंका

नई दिल्ली : जून तक भारत को एक कोरोना का एक और टीका मिल सकता है। दरअसल, कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड अपने कोविड-19 टीके के ट्रायल का टाडा मई के अंत तक सरकार को सौंप सकती है। कंपनी को उम्मीद है कि उसके जायकोव डी वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी जून में मिल जाएगी। रिपोर्टों में कंपनी के प्रबंध निदेशक शरविल पटेल के हवाले से यह जानकारी दी गई है। यही नहीं, कंपनी 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए भी कोरोना वैक्सीन की मंजूरी पाने की दिशा में काम कर रही है। 

कैडिला ने 1500 से ज्यादा बच्चों पर परीक्षण किया
ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में नाम उजागर न करने की शर्त पर एक व्यक्ति के हवाले से कहा कि है कि अहमदाबाद स्थित इस कंपनी ने अपने ट्रायल के तीसरे चरण के तहत 1500 से ज्यादा बच्चों पर जायकोव डी टीके का परीक्षण किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अभी भारत में बच्चों पर किसी टीके का परीक्षण नहीं किया गया है। फाइनेंसियल एक्सप्रेस के साथ बातचीत में पटेल ने कहा कि जायकोव-डी के तीसरे चरण के ट्रायल में कोरोना के अलग-अलग स्वरूपों पर इस टीके की प्रभावोत्पादकता सामने आएगी। देश में इस टीके का बड़े पैमाने पर ट्रायल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीके के परीक्षण के लिए 28,000 से ज्यादा वॉलिंटियर्स को शामिल किया गया है।

हर साल 24 करोड़ टीका बनाएगी कंपनी
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का कहना है कि टीके को मंजूरी मिल जाने के बाद उसकी योजना अहमदाबाद और वडोदरा स्थित अपने संयंत्रों में हर साल 24 करोड़ वैक्सीन बनाने की है। कंपनी अपना टीका भारत को देने के साथ-साथ बाहर अन्य देशों में भी निर्यात करेगी।

देश में आएगी कोरोना की तीसरी लहर 
देश अभी कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। इस बीच, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने तीसरी लहर का आना 'अपरिहार्य' बताया है। राघवन ने कहा कि तीसरी लहर को टाला नहीं जा सकता लेकिन यह तीसरी लहर कब आएगी इसके बारे में निश्चित रूप से अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। तीसरी लहर में बच्चों के महामारी के गिरफ्त में आने की आशंका जताई जा रही है। 

अभी देश में बच्चों के लिए कोरोना का टीका नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने को कहा है। इस दिशा में महाराष्ट्र सरकार सबसे आगे है। उद्धव सरकार ने मुंबई में बच्चों के लिए कोरोना पीडियाट्रिक वार्ड बनाया है। उद्धव ने अधिकारियों से तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। भारत में बच्चों के लिए अभी टीका उपलब्ध नहीं है। अमेरिका और ब्रिटेन में अगले कुछ महीनों में बच्चों के लिए टीका आ सकता है। अमेरिका में फाइजर कंपनी ने 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए अपने टीके का ट्रायल डाटा एफडीए को सौंपा है। 

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