नई दिल्ली: अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बिहार के कई हिस्सों में लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को जहानाबाद जिले में तेहटा पुलिस चौकी परिसर के अंदर खड़े एक ट्रक और एक बस समेत कई वाहनों को आग लगा दी। चार दिनों से जारी हिंसा में प्रदर्शनकारी युवाओं ने बीजेपी नेता और उनके कार्यालयों और घरों को निशाना बनाया। कई नेताओं के घरों पर हमले हुए इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने 10 बीजेपी नेताओं को 'Y' कटैगरी की सुरक्षा दी गई। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, तारकिशोर और विधायकों समेत बिहार में 10 बीजेपी नेताओं को CRPF द्वारा 'वाई' कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान करता है। शुक्रवार को गृह मंत्रालय का आदेश मिलने के बाद CRPF ने आज से सुरक्षा घेरा संभाल लिया है।
अग्निपथ प्रदर्शन पर बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि विरोध करने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन प्रशासन के इशारे पर लोगों को निशाना बनाना, पुलिस के साथ एक विशेष पार्टी के कार्यालयों को दर्शकों के रूप में कार्य करना गलत है। जो भारत में नहीं हो रहा वह बिहार में हो रहा है। मैं इसका विरोध करता हूं।
बिहार जदयू प्रमुख रंजीव रंजन ने कहा कि अग्निपथ योजना पर संदेह दूर करने के बजाय बीजेपी प्रशासन पर आरोप लगा रही है। नीतीश कुमार प्रशासन को संभालने में सक्षम हैं। बीजेपी के संजय जायसवाल से सबक की जरूरत नहीं। बीजेपी राज्यों में हिंसा के खिलाफ कुछ भी क्यों नहीं? इस तरह की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि वह स्थिर नहीं हैं।
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि मैं अपने युवा मित्रों से अपील करना चाहता हूं कि यह अग्निपथ एक क्रांतिकारी योजना है। मैं जानता हूं कि युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूं कि पीएम मोदी पर भरोसा रखें। मैं उनसे इस योजना को अच्छी तरह से समझने की अपील करता हूं।

