गुपकार गठबंधन से सज्जाद लोन की पार्टी के अलग होने के बाद दूसरे दल मंगलवार को बैठक करने वाले हैं। आज होने वाली बैठक से महज दो दिन पहले सज्जाद लोन की पार्टी जम्मू कश्मीर पीपल्स कांफ्रेंस ने दूरी बना ली थी। गुपकार की अंतिम बैठक अगस्त के महीने में हुई थी जब गठबंधन के नेताओं ने शपथ ली कि अनुच्छेद 370 और 35 ए की बहाली के साथ साथ लद्दाख को फिर से जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
सज्जाद लोन, गुपकार के थे प्रमुख घटक
सवाल यह है कि सज्जाद लोन जो गुपकार के प्रमुख घटक थे उन्होंने इस गठबंधन से दूर जाने का फैसला क्यों किया। बता दें कि राज्य में इस समय परिसीमन आयोग काम कर रहा है। सोमवार को परिसीमन आयोग ने जो अपनी रिपोर्ट सौंपी है उसके मुताबिक जम्मू संभाग में 6 और सीट, कश्मीर में एक और सीट बढ़ाने की सिफारिश की है। अगर यह सिफारिश अमल में लाई जाती है तो जम्मू रीजन भी सीट संख्या के मामले में कश्मीर रीजन के करीब होगा। सज्जान लोन का कहना था कि जब परिसीमन आयोग के मुखालफत पर सहमति बनी थी तो अब नेशनल कांफ्रेंस के नेता यह क्यों कह रहे हैं उन्हें बैठक के एजेंडा के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए थी। दरअसल अब नेकां के लीडर इस विषय पर दोहरा रुख अपना रहे हैं।
नेशनल कांफ्रेस का दोहरा रुख
सज्जाद लोन ने कहा कि जब गुपकार ने अनुच्छेद 370 और 35 ए के खिलाफ पुरजोर लड़ाई लड़ने का फैसला लिया था तो परिसीमन आयोग के बारे में इस तरह की बात करना या एजेंडे को मांगने से पता चलता है कि नेशनल कांफ्रेंस अब अपने पुराने स्टैंड से हट रही है जो उन्हें स्वीकार नहीं है लिहाजा उन्होंने गुपकार से हटने का फैसला किया है।

