झारखंड विधानसभा में बड़ा बदलाव, विधायक नंबर 82 की कुर्सी खत्म; कभी बिहार से ट्रांसफर होकर आया था ये खास कोटा
- Authored by: शिशुपाल कुमार
- Updated Nov 25, 2024, 07:53 PM IST
झारखंड विधानसभा में 82वें विधायक के रूप में एंग्लो इंडियन समुदाय के किसी व्यक्ति को मनोनीत करने की संवैधानिक व्यवस्था अब समाप्त हो गई है। यह कोटा कभी बिहार से ट्रांसफर होकर झारखंड आया था।
झारखंड विधानसभा में एंग्लो इंडियन कोटा खत्म
झारखंड विधानसभा में इस बार भले ही सरकार नहीं बदली दिखाई देगी, लेकिन विधानसभा में एक ऐसी कुर्सी खत्म हो जाएगी, इतिहास बन जाएगी, जिसका झारखंड गठन के समय से संबंध रहा है। झारखंड विधानसभा में अबतक 82 विधायक दिखते थे, जहां अब 81 विधायक ही दिखेंगे। 82वें विधायक कभी चुनाव के जरिए सदन में नहीं आता था, बल्कि उनकी नियुक्ति राज्यपाल करते थे।
एंग्लो इंडियन का प्रतिनिधित्व समाप्त
इस बार गठित होने वाली विधानसभा में सदस्यों की संख्या 82 से घटकर 81 रह गई है। इसकी वजह यह है कि विधानसभा में 82वें विधायक के रूप में एंग्लो इंडियन समुदाय के किसी व्यक्ति को मनोनीत करने की संवैधानिक व्यवस्था अब समाप्त हो गई है। वर्ष 2019 में झारखंड की पांचवीं विधानसभा का गठन होने के बाद राज्य सरकार ने मैकलुस्कीगंज निवासी ग्लेन जोसेफ गॉलस्टेन को सदन के 82वें सदस्य के रूप में मनोनीत किया था। पांचवीं विधानसभा के विघटन की अधिसूचना जारी होते ही उनका यह स्टेटस समाप्त हो जाएगा।
आजादी के बाद बनी थी ये व्यवस्था
देश की संसद और कई अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी 1952 से चली आ रही संवैधानिक व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 334 बी में यह व्यवस्था की गई थी लोकसभा में एंग्लो इंडियन समुदाय के अधिकतम दो सदस्यों का मनोनयन भारत के राष्ट्रपति करते थे, वहीं अनुच्छेद 333 के अंतर्गत राज्यों की विधानसभाओं में अधिकतम एक सदस्य को मनोनीत करने का अधिकार राज्यपाल के पास था। जनवरी, 2020 में संसद में पारित 126वें संविधान संशोधन के जरिए संसद और देश के 13 राज्यों की विधानसभाओं में एंग्लो इंडियन समुदाय के मनोनयन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई।
बिहार से आया था कोटा
झारखंड जब एकीकृत बिहार का हिस्सा था, तब वहां विधानसभा के सदस्यों की संख्या 325 होती थी। 324 विधायक विभिन्न क्षेत्रों से निर्वाचित होते थे। जबकि, 325वें सदस्य के रूप में एंग्लो इंडियन समुदाय से एक व्यक्ति का मनोनयन होता था। झारखंड जब वर्ष नवंबर 2000 में अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया, तब एंग्लो इंडियन विधायक का कोटा बिहार से झारखंड स्थानांतरित हो गया। इसके बाद जोसेफ पंचोली ग्लेस्टिन 2005 में पहले एंग्लो इंडियन विधायक मनोनीत किए गए। 2009 में उनका दूसरी बार मनोनयन हुआ। 2014 और 2019 में उनके पुत्र ग्लेन जोसेफ गॉलस्टेन विधायक मनोनीत किए गए थे।
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