'तुम क्यों आई हो? मैं तुम्हारे बेटे को मार डालूंगा। उसकी फोटो के लिए माला तैयार रखो।'आंध्र प्रदेश के बहुचर्चित साईं कृष्णा कथित हिरासत मौत मामले में नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। साईं कृष्णा की मां गडे विजय लक्ष्मी ने आरोप लगाया है कि निलंबित पुलिस निरीक्षक नागराजू ने उन्हें पहले ही बेटे की मौत की धमकी दी थी।
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में साईं कृष्णा के गायब होने की घटना पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में है। साईं कृष्णा की मां गडे विजय लक्ष्मी ने विजयवाड़ा के कृष्णा लंका थाने के निलंबित पुलिस निरीक्षक एसएसवीवी नागराजू पर अपने बेटे को यातनाएं देकर मार डालने और फिर परिजन को बताए बिना ही उसका अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया है।
विजय लक्ष्मी ने अपने बेटे के गायब होने के सिलसिले में नागराजू के खिलाफ 19 जून को दर्ज कराई गई शिकायत में कहा कि जब मैं साईं कृष्णा के बारे में पता करने के लिए थाने पहुंची,तो उसने (नागराजू)मुझसे कहा,तुम क्यों आई हो?मैं तुम्हारे बेटे को मार डालूंगा। उसकी फोटो के लिए माला तैयार रखो।
वहीं, इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने बुधवार को नागराजू को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस दौरान एसआईटी ने अपनी रिमांड रिपोर्ट भी अदालत में पेश की। इसमें कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें कहा गया है कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिलते हैं कि साईं कृष्णा को पुलिस हिरासत में गंभीर चोटें लगीं और उसकी मौत हिरासत के दौरान हुई।
रिपोर्ट में बताया गया है कि साईं कृष्णा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी था और उसे मई के पहले सप्ताह में मरकापुरम से पकड़कर कृष्णा लंका थाने लाया गया था। इसके बाद , कानून के अनुसार उसे निर्धारित समय के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि जब विजय लक्ष्मी अपने बेटे से मिलने थाने पहुंचीं तो उन्होंने उसे लॉकअप में गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में देखा। उन्होंने दावा किया कि बेटे के पैर बंधे हुए थे और वह दर्द से कराह रहा था। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि थाने में उसके साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की गई थी।
रिमांड रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विजय लक्ष्मी ने बेटे को बचाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था,लेकिन पुलिस ने अदालत को बताया कि साईं कृष्णा के ठिकाने की कोई जानकारी नहीं है। एसआईटी के अनुसार,पुलिस ने अदालत से कई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए।
जांच एजेंसी ने यह भी कहा है कि एक मई से एक जून के बीच कृष्णा लंका थाने के सीसीटीवी फुटेज गायब हैं, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। एसआईटी ने कहा कि घटनाओं की पूरी कड़ी का पता लगाने, मृतक के शव को खोजने, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने(अगर कोई हो)और अपराध से जुड़े और सबूत बरामद करने के लिए नागराजू से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
