कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की राजनीतिक यात्रा के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को चित्रदुर्ग में अभिमानोत्सव नामक एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। जनता को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, "बंगाल में हमारी विचारधारा का इतना प्रचंड विजय हुआ है। आज मैं भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के प्रस्थापित किसान नेता बी.एस. येदियुरप्पा का सम्मान करने यहां आया हूं।"
अमित शाह ने आगे कहा कि जो लोग कहते थे कि दक्षिण भारत में बीजेपी कभी सरकार नहीं बना सकती, उन्हें बीएस येदियुरप्पा ने गलत साबित कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि येदियुरप्पा ने अपना पूरा जीवन आम जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। मैं राजनीति में आने की इच्छा रखने वाले युवाओं को सलाह देना चाहूंगा कि वे उनके जीवन का अध्ययन करें और उनके संघर्षों से सीखें। शायद दक्षिण भारत में येदियुरप्पा के बराबर चुनौतियों का सामना करने वाला कोई दूसरा नेता नहीं है।
'येदियुरप्पा का जीवन और करियर दूसरे प्रकार का उदाहरण'
अमित शाह ने आगे कहा,"येदियुरप्पा ने अपने करियर की शुरुआत एक चावल मिल में क्लर्क के रूप में की थी। उल्लेखनीय रूप से वे चार बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। राजनीति में आम तौर पर दो प्रकार के नेता होते हैं: वे जो स्थापित रास्तों का अनुसरण करते हैं और वे जो नए रास्ते बनाते हैं, दूसरों के लिए अवसर पैदा करते हैं। येदियुरप्पा का जीवन और करियर दूसरे प्रकार का उदाहरण है।"
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने कार्यों के माध्यम से 'जनसेवा ही भगवान की सेवा है' के मंत्र को साकार किया। इसके साथ ही, येदियुरप्पा ने 'किसान का कल्याण ही राष्ट्र का कल्याण है' के सिद्धांत को भी साकार करने का प्रयास किया।
सभी संप्रदायों के स्वामीजी एक ही मंच पर उपस्थित: अमित शाह
पूर्व सीएम की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए अमित शाह ने कहा, "येदियुरप्पा ने अपना सार्वजनिक जीवन कर्नाटक और राष्ट्र की सेवा में समर्पित किया है। और आज, मुझे भी इस मंच पर आकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है, क्योंकि सभी संप्रदायों के स्वामीजी एक ही मंच पर उपस्थित हैं। मैं येदियुरप्पा जी को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आप सौ वर्ष की आयु प्राप्त करें, स्वस्थ रहें और कर्नाटक भाजपा का दीर्घकाल मार्गदर्शन करते रहें।"
