बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए विमान हादसे को लेकर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। यह रिपोर्ट भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत काम करने वाले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने तैयार की है। रिपोर्ट मुंबई से बारामती जा रहे निजी जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने के संदर्भ में है। यह वही उड़ान थी जो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सवार थे। हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई थी।
लैंडिंग के वक्त दृश्यता तय मानक से कम थी
जांच रिपोर्ट के मुताबिक विमान जब बारामती हवाई अड्डे पर उतर रहा था तब दृश्यता लगभग तीन किलोमीटर थी। जबकि दृश्य उड़ान नियमों के तहत कम से कम पांच किलोमीटर दृश्यता जरूरी होती है। इसके बावजूद विमान को उतरने की अनुमति दी गई। अब यही बिंदु जांच और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।एक बार गो अराउंड दूसरी कोशिश में हादसा
रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की लेकिन बाद में गो अराउंड किया गया। दूसरी बार रनवे 11 पर उतरते समय विमान रनवे के बाईं ओर पेड़ों से टकराया और नीचे जमीन पर गिर गया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई और कॉकपिट व केबिन पूरी तरह जल गए।
हवाई अड्डे की स्थिति पर गंभीर सवाल
जांच में सामने आया है कि बारामती हवाई अड्डा अनियंत्रित श्रेणी में आता है। वहां स्थायी मौसम सेवा उपलब्ध नहीं है। रनवे के निशान काफी हद तक मिट चुके हैं और सतह पर कंकड़ मौजूद थे। हवाई अड्डे पर स्थायी अग्निशमन और बचाव इकाई भी नहीं है। विपक्ष का आरोप है कि वीआईपी दौरे के बावजूद जरूरी सुरक्षा इंतजाम पूरे नहीं थे।
पायलटों का अनुभव पर्याप्त स्वास्थ्य जांच भी सामान्य
रिपोर्ट के अनुसार दोनों पायलट अनुभवी थे और पहले भी बारामती में उड़ान भर चुके थे। उड़ान से पहले शराब जांच की गई थी जो सामान्य पाई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पायलटों की मौत का कारण कई चोटें और जलने की चोटें बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पायलटों के स्वास्थ्य को लेकर कोई चेतावनी संकेत नहीं मिला।
फ्लाइट रिकॉर्डर से अहम जानकारी मिलने की उम्मीद
हादसे के बाद फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद किए गए। डेटा रिकॉर्डर से जानकारी निकाल ली गई है और उसका विश्लेषण चल रहा है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर आग से प्रभावित हुआ था इसलिए उसके डेटा के लिए विदेशी तकनीकी मदद ली जा रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि अंतिम पलों की तस्वीर साफ होगी।
विमान कंपनी के कागजात और उड़ान रिकॉर्ड जब्त
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान का संचालन करने वाली कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े सभी अहम कागजात जब्त कर लिए गए हैं। इनमें विमान की उड़ान सुरक्षा मेंटेनेंस और संचालन से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इन कागजात की जांच अन्य सबूतों के साथ की जा रही है।
तकनीकी खराबी की बात से कंपनी का इनकार
रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे से पहले की उड़ान में किसी तकनीकी खराबी की जानकारी नहीं मिली थी। पिछली उड़ान के पायलटों और तकनीशियन के बयान के अनुसार विमान सामान्य स्थिति में था। तकनीकी लॉग बुक में भी किसी बड़ी खराबी का उल्लेख नहीं पाया गया।
वीआईपी और चार्टर उड़ानों के नियमों पर बहस
इस हादसे के बाद अनियंत्रित हवाई अड्डों पर वीआईपी और चार्टर उड़ानों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे हवाई अड्डों पर मौसम और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है। जांच में नागर विमानन महानिदेशालय को भी निर्देश और निगरानी मजबूत करने की सिफारिश की गई है।
जांच जारी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
जांच एजेंसी ने साफ किया है कि यह रिपोर्ट प्रारंभिक है और इसमें बदलाव संभव है। फ्लाइट रिकॉर्डर के पूरे विश्लेषण और सभी सबूतों की जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी। उसी के आधार पर हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
