'दुश्मन के किसी भी मंसूबे को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार'; पाकिस्तान पर जीत को याद कर बोले वायुसेना प्रमुख
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Dec 10, 2025, 11:29 PM IST
भारतीय वायुसेना ने डिब्रूगढ़ के मोहनबारी वायुसेना स्टेशन पर एक शानदार हवाई प्रदर्शन के साथ 1971 के युद्ध में अपनी ऐतिहासिक जीत का उत्सव मनाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुश्मन के किसी भी मंसूबे को नाकाम करने के लिए वायुसेना पूरी तरह तैयार है।
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह। तस्वीर-PTI
भारत दुश्मन के किसी भी दुस्साहस को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। विजय दिवस समारोह के दौरान वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि वायुसेना अपनी रणनीति और ‘स्टील्थ’ क्षमता को लगातार मजबूत कर रही है। सिंह ने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर भारत, विशेष रूप से भारतीय वायुसेना दो मोर्चों पर युद्ध लड़ने के लिए तैयार है। यह क्षमता पिछले अभियानों के अनुभव, आधुनिक तकनीक और तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय से और मजबूत हुई है।
1971 के युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक जीत को याद करते हुए मोहनबारी वायुसेना स्टेशन पर आयोजित विजय दिवस समारोह के दौरान वे संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्वी वायु कमान ने भव्य एयर शो भी किया।
1971 की जीत को तीन सेनाओं की संयुक्त शक्ति का उदाहरण
इस समारोह के दौरान वायुसेना प्रमुख ने कहा कि 1971 की जीत को तीन सेनाओं की संयुक्त शक्ति का उदाहरण करार दिया। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने जिस दृढ़ता से डटकर अपना काम किया, चाहे वह नवंबर में दिन के समय चलाए गए अभियान हों, अंतिम प्रहार हों या बांग्लादेश में राज्यपाल भवन पर हमला, उसने निर्णायक रूप से युद्ध का अंत किया।
13 दिन में पाकिस्तान को हथियार डालने के लिए किया मजबूर
उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने जिस दृढ़ता से अपना काम किया, उसने पाकिस्तान को दबाव में झुकने पर मजबूर कर दिया और केवल 13 दिनों में युद्ध विराम की स्थिति आ गई। ‘यह अभियान न केवल भारतीय वायुसेना के लिए एक बड़ी सफलता थी, बल्कि संयुक्त कार्यकुशलता की भी एक बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने यह भी कहा कि सेना और वायुसेना के बीच बेहतरीन तालमेल के बिना नदी पार करवाने जैसे अभियान या एयरड्रॉप की कार्रवाई संभव नहीं होती।
सुखोई SU-30 से चिनूक तक ने दिखाया अपना दम
इससे पहले दिन में भारतीय वायुसेना ने डिब्रूगढ़ के मोहनबारी वायुसेना स्टेशन पर एक शानदार हवाई प्रदर्शन के साथ 1971 के युद्ध में अपनी ऐतिहासिक जीत का उत्सव मनाया। हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायुसेना के कुछ सबसे शक्तिशाली विमान शामिल थे, जिनमें सुखोई एसयू-30 लड़ाकू विमान, डोर्नियर डीओ-228 निगरानी विमान, एंटोनोव एएन-32 परिवहन विमान और चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर शामिल थे।
हवाई प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया
इस हवाई प्रदर्शन में वायुसेना के कई ताकतवर विमान शामिल थे। एयर शो में सुखोई से लेकर चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने अपने हवाई करतब दिखाए। इस भव्य एयर शो में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, आम नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों शामिल थे।
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