Mahakumbh Stampede : महाकुंभ में मंगलवार रात मची भगदड़ में कम से कम 8 श्रद्धालुओं की मौत होने की बात सामने आई है। जबकि 40 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना को देखते हुए सभी 13 अखाड़ों ने बुधवार का अपना अमृत स्नान रद्द कर दिया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि जनहित को देखते हुए आज हम सभी ने स्नान रद्द करने का फैसला लिया है, अब बसंत पंचमी को हम स्नान करेंगे। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है। पीएम ने हालात का जायजा लिया और घटनास्थल पर सभी तरह के राहत उपाय करने की बात कही।
बैरिकेड टूटने की वजह से घटना
बताया जा रहा है कि देर रात बैरिकेडिंग टूटने की वजह से भगदड़ मच गई जिसके बाद यह घटना हुई। घायलों का इलाज महाकुंभ के केंद्रीय अस्पताल में चल रहा है। आम लोगों का स्नना जारी है।
जो घटना हुई उससे हम दुखी हैं-अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष
इस घटना के बारे में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा, 'जो घटना हुई उससे हम दुखी हैं। हमारे साथ हजारों श्रद्धालु थे... जनहित में हमने फैसला किया है कि अखाड़े आज स्नान में हिस्सा नहीं लेंगे... मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे आज के बजाय वसंत पंचमी पर स्नान के लिए आएं... साथ ही, यह घटना इसलिए हुई क्योंकि श्रद्धालु संगम घाट जाना चाहते थे, इसके बजाय उन्हें जहां भी पवित्र गंगा दिखे, वहीं डुबकी लगा लेनी चाहिए... इसमें प्रशासन की कोई गलती नहीं है, करोड़ों लोगों को संभालना आसान नहीं है... हमें अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए।'
आज यानी बुधवार को मौनी अमावस्या पर ही 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। महाकुंभ में डुबकी लगाकर आत्मा की शुद्धि के लिए देश ही नहीं विदेशों से लोग प्रयागराज पहुंच रहे हैं।
'केवल संगम घाट पर स्नान की जिद न करें'
जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा है कि 'प्रयागराज में आज भारी संख्या में भक्त जुटे हैं। इसे देखते हुए मैं सभी श्रद्धालुओं से अपील करता हूं कि वे केवल संगम घाट पर ही स्नान करने की जिद न करें। अभी लोगों को अपने शिविरों में रहना चाहिए।'
