Mahua Moitra News: सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा शुक्रवार को संसद से निष्कासित कर दी गईं। संसद से निष्कासित करने के आचार समिति की अनुशंसा पर लोकसभा ने मुहर लगा दी। पश्चिम बंगाल की कृ्ष्णानगर से सांसद महुआ ने एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पर सवाल उठाए। लोकसभा से निष्कासित होने के बाद मीडिया से बातचीत में महुआ ने कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया। अपने साथ हुए बर्ताव को उन्होंने गलत बताया। महुआ ने पूछा कि एथिक्स कमेटी ने पूछताछ के लिए बिजनेसमैन को क्यों नहीं बुलाया।
टीएमसी की पूर्व सांसद ने कहा कि एथिक्स कमेटी ने वही फैसला किया जो उसे करने के लिए कहा गया था। महुआ ने कहा कि उन्होंने गौतम अडानी के खिलाफ बोला था, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। कमेटी ने नियमों का पालन नहीं किया।
एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट लोकसभा में पेश हुई
'कैश फॉर क्वेरी' मामले में संसद की आचार समिति ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश की। आचार समिति ने अपनी रिपोर्ट में टीएमसी सांसद को लोकसभा से निष्कासित करने एवं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। समिति ने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है और महुआ मोइत्रा के खिलाफ समयबद्ध तरीके से कानूनी कार्रवाई एवं जांच होनी चाहिए।
महुआ के खिलाफ समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की अनुशंसा
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'महुआ मोइत्रा की तरफ से जो गंभीर कदाचार दिखा गया है वह सख्त सजा की मांग करता है। इसे देखते हुए समिति सिफिरिश करती है कि महुआ मोइत्रा को 17वीं लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित किया जाए।' रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 'महुआ मोइत्रा के अत्यंत आपत्तिजनक, अनैतिक, घृणित एवं आपराधिक आचरण को देखते हुए कमेटी भारत सरकार से टीएमसी सांसद के खिलाफ समय बद्ध तरीके से एक त्वरित, कानूनी एवं संस्थागत जांच शुरू करने की सिफारिश करती है।'
टीएमसी सांसदों ने नारेबाजी की
लोकसभा में जैसी ही यह रिपोर्ट पेश हुई, टीएमसी और कांग्रेस के कुछ सांसद सदन के सौंध में आ गए और रिपोर्ट की प्रति की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने रिपोर्ट पर वोटिंग कराने से पहले इस पर चर्चा कराए जाने की मांग की। सदन में हंगामा बढ़ता देख लोकसभा के स्पीकर पद पर आसीन भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
