Malviya Nagar fire : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत के बाद राजधानी में होटल और रेस्टोरेंट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर राजधानी के सभी होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और सिनेमा हॉल की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की मांग की है।
फायर विभाग की एनओसी नहीं थी
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस रेस्टोरेंट में आग लगी, उसके पास फायर विभाग की एनओसी नहीं थी। साथ ही केवल छह कमरों की स्वीकृति के बावजूद वहां 25 कमरे कैसे संचालित हो रहे थे, यह भी गंभीर जांच का विषय है। बृजेश गोयल ने कहा कि इस हादसे के लिए केवल रेस्टोरेंट संचालक ही नहीं, बल्कि फायर विभाग, एमसीडी और बिजली विभाग के वे अधिकारी भी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने नियमों के उल्लंघन के बावजूद कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
CTI ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के लिए 8 बिंदुओं वाली सुरक्षा गाइडलाइन लागू करने का सुझाव दिया है।
दिल्ली सरकार को CTI के प्रमुख सुझाव
किचन सुरक्षा से जुड़े हुए CTI के सुझाव
ऑटोमैटिक किचन फायर सप्रेशन सिस्टम अनिवार्य किया जाए।
एग्जॉस्ट हुड की नियमित सफाई हो।
गैस लीक डिटेक्टर लगाए जाएं।
हर किचन स्टेशन पर फायर ब्लैंकेट उपलब्ध हो।
बिजली सुरक्षा से जुड़े CTI के सुझाव
एमसीबी और ईएलसीबी सिस्टम अनिवार्य किए जाएं।
हर छह महीने में वायरिंग का निरीक्षण हो।
भारी विद्युत उपकरणों के लिए अलग लाइन हो।
फायर फाइटिंग सिस्टम
निर्धारित दूरी पर फायर एक्सटिंग्विशर लगाए जाएं।स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म सिस्टम अनिवार्य हों।
बड़े प्रतिष्ठानों में स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाए।
होटल और रेस्टोरेंट के स्टाफ प्रशिक्षण से जुड़े सुझाव
हर महीने मॉक ड्रिल कराई जाए।कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में प्राथमिक प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाए।
इमरजेंसी एग्जिट को लेकर क्या हो उपाय?
कम से कम दो सुरक्षित निकास मार्ग हों।
बैटरी बैकअप वाली इमरजेंसी लाइटें लगाई जाएं।
सभी एग्जिट मार्ग हमेशा खुले रहें।
इसके अलावा दिन समाप्त होने पर गैस और बिजली की जांच अनिवार्य हो।
सिलेंडर सुरक्षित और हवादार स्थान पर रखे जाएं।
साथ ही फायर एनओसी का नियमित नवीनीकरण हो।
समय-समय पर फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
सामान्य लापरवाहियों पर रोक और किचन में बंद दरवाजों के पीछे खाना बनाने पर रोक। साथ ही ज्वलनशील सजावटी सामग्री के इस्तेमाल पर नियंत्रण हो। फायर एक्सटिंग्विशर हमेशा आसानी से पहुंच वाली जगह पर रखे जाएं।
CTI का कहना है कि यदि इन सुझावों को दिल्ली के सभी होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और सिनेमा हॉल में लागू किया जाए तो भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
