देश

भारत पहुंचे अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी, विदेश मंत्री जयशंकर, NSA डोभाल से होगी मुलाकात, अहम है यह दौरा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्तकी का नई दिल्ली आगमन पर हार्दिक स्वागत है।’उन्होंने कहा, ‘हम उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।

Image

भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के विदेश मंत्री। तस्वीर-ANI

Photo : ANI

Mawlawi Amir Khan Muttaqi : अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। मुत्तकी छह दिनों की यात्रा पर भारत आए हैं। विदेश मंत्री के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा है। अपनी इस यात्रा के दौरान वह विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात करेंगे। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के सत्ता से हटने और तालिबान के सत्ता अपने हाथ में लेने के चार साल बाद तालिबान सरकार के किसी नेता की काबुल से भारत की यह पहली उच्च-स्तरीय यात्रा है।

यूएन प्रतिबंध की वजह से नहीं हो पाई थी यात्रा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्तकी का नई दिल्ली आगमन पर हार्दिक स्वागत है।’उन्होंने कहा, ‘हम उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।’मामले से परिचित लोगों ने बताया कि मुत्तकी के कार्यक्रमों में दारुल उलूम देवबंद मदरसा का दौरा और ताजमहल की यात्रा शामिल है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री का पिछले महीने नयी दिल्ली का दौरा निर्धारित था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रतिबंधों के तहत उन पर लगे यात्रा प्रतिबंध के कारण इसे रद्द कर दिया गया था।

यात्रा प्रतिबंध में अस्थायी छूट को मंजूरी

संयुक्त राष्ट्र के एक बयान के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति ने 30 सितंबर को मुत्तकी को नौ से 16 अक्टूबर तक नई दिल्ली की यात्रा की अनुमति देते हुए यात्रा प्रतिबंध में अस्थायी छूट को मंजूरी दे दी है। इस छूट ने अफगान विदेश मंत्री के भारत दौरे का रास्ता साफ कर दिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सभी प्रमुख तालिबान नेताओं पर प्रतिबंध लगाए थे और उन्हें विदेश यात्राओं के लिए यात्रा मंजूरी हासिल करना जरूरी होता है। मुत्तकी की भारत यात्रा से काबुल में तालिबान के साथ भारत के संबंधों में एक नया आयाम जुड़ने की उम्मीद है।

जयशंकर ने फोन पर की थी बात

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 15 मई को मुत्तकी से फोन पर बातचीत की थी। तालिबान के सत्ता में आने के बाद से यह भारत और अफगानिस्तान के बीच शीर्ष स्तर का संपर्क था। भारत ने अब तक तालिबान के शासन को मान्यता नहीं दी है और वह काबुल में एक समावेशी सरकार के गठन की वकालत करता रहा है। भारत इस बात पर भी जोर देता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। तालिबान शासन ने जनवरी में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और मुत्तकी के बीच बातचीत के बाद भारत को एक ‘अहम’ क्षेत्रीय और आर्थिक शक्ति बताया था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!