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वयस्क नागरिकों को जीवनसाथी चुनने का अधिकार- कलकत्ता हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, अंतरधार्मिक विवाह को सुरक्षा देने का दिया आदेश

Calcutta High Court: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हावड़ा में होने वाले एक अंतरधार्मिक विवाह को पूरी सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि देश के हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है।

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वयस्कों को जीवनसाथी चुनने का अधिकार-अदालत (प्रतीकात्मक फोटो- Canva)

Calcutta High Court: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस को हावड़ा में होने वाले एक अंतरधार्मिक विवाह के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने और विवाह को बिना किसी बाधा के संपन्न कराने का स्पष्ट निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कड़ी टिप्पणी की और कहा कि इस देश के हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से अपना जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार है।

स्थानीय विरोध के कारण युगल ने मांगी थी सुरक्षा

यह मामला हावड़ा जिले का है, जहां अलग-अलग धर्मों के एक युवक और युवती ने आपस में विवाह करने का फैसला किया था। हालांकि, स्थानीय लोगों और इलाके के कुछ वर्गों द्वारा इस शादी का कड़ा विरोध किया जा रहा था। अपनी सुरक्षा और शादी में बाधा उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए युगल ने अदालत का रुख किया था।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि इलाके में विरोध का माहौल बना हुआ है, जिससे प्रेमी जोड़े को डर है कि उन्हें शादी करने से जबरन रोका जा सकता है।

हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी: कोई रुकावट स्वीकार्य नहीं

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा, "यदि मामला अंतरधार्मिक विवाह का भी है, तब भी इस अदालत को इसमें कोई कानूनी या नैतिक बाधा नहीं दिखती। याचिकाकर्ता इस देश के वयस्क नागरिक हैं और उन्हें अपनी पसंद से जीवनसाथी का चयन करने का पूर्ण अधिकार है।"

न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने पुलिस को सख्त हिदायत दी कि बुधवार को होने वाले इस विवाह के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए और याचिकाकर्ताओं को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

प्रशासन ने दिया सुरक्षा का आश्वासन

हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। पुलिस अधीक्षक का बयान: हावड़ा (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने के लिए पुलिस द्वारा पर्याप्त और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने उलूबेरिया थाने के प्रभारी निरीक्षक की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की, जिसमें कहा गया कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

10 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने हावड़ा के उलूबेरिया थाने के प्रभारी निरीक्षक को शादी संपन्न होने के सात दिनों के भीतर कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) दाखिल करने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को करेगा।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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