उद्धव ठाकरे विश्वासघात के शिकार : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
उत्तराखंड स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को कहा कि शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे विश्वासघात के शिकार हैं। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस साल जनवरी में अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने से इनकार कर दिया था। ठाकरे से मुंबई के बांद्रा स्थित उनके आवास ‘मातोश्री’ में मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, 'उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात हुआ है और कई लोग इससे आक्रोशित हैं। मैं उनके आग्रह पर उनसे मिला और कहा कि जनता को हुई पीड़ा उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने तक कम नहीं होगी।' स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, 'उन्होंने (ठाकरे) ने कहा कि वह हमारे आशीर्वाद से जो भी जरूरत होगी, करेंगे।' उन्होंने कहा कि विश्वासघात सबसे बड़ा पाप है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य ने कहा, 'जो विश्वासघात करता है वह हिंदू नहीं हो सकता है। जो विश्वासघात सहता है, वह हिंदू है।' उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र की पूरी जनता विश्वासघात से आक्रोशित है और यह हाल के (लोकसभा) चुनाव में प्रतिबिंबित भी हुआ।' उन्होंने कहा, 'हमारा राजनीति से कोई लेना देना नहीं है लेकिन हम विश्वासघात के बारे में बात कर रहे हैं जो धर्म के अनुसार पाप है।' उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 10 जुलाई को दिल्ली में केदारनाथ मंदिर की आधारशिला रखने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा, 'जब केदारनाथ का पता हिमालय है तो कैसे यह दिल्ली में हो सकता है? आप लोगों को क्यों भ्रमित कर रहे हैं।' शंकराचार्य ने मातोश्री में आयोजित पूजा समारोह में भी हिस्सा लिया।