आज की ताजा खबर, 1 फरवरी 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: पंजाब दौरे पर पीएम मोदी, कहा- संत रविदास के आशीर्वाद से हम विकसित भारत के लक्ष्य को पाकर रहेंगे
आज की ताजा खबर लाइव, 1 फरवरी 2026 ब्रेकिंग हिंदी न्यूज़ [केंद्रीय बजट भाषण], [मौसम का अपडेट], [पीएम मोदी पंजाब दौरा] के मुख्य समाचार Latest News in Hindi: आज पीएम मोदी पंजाब जाएंगे। वह रविदास जयंती के मौके पर डेरा सचखंड बल्लां जाएंगे। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट आलोक कुमार ने मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। आज देश में आम बजट और कैसा रहेगा मौसम...नीचे पढ़ें- हर छोटी बड़ी खबर..
आज की ताजा खबर, 1 फरवरी 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: पंजाब दौरे पर पीएम मोदी, कहा- संत रविदास के आशीर्वाद से हम विकसित भारत के लक्ष्य को पाकर रहेंगे
-VHP ने मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन का समर्थन किया
-मोदी जाएंगे पंजाब के डेरा सचखंड बल्लान
-देश में आज आम बजट
बिरसा मुंडा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल पर खड़ी छह बसों में आग
संत रविदास जी के आशीर्वाद से हम विकसित भारत के लक्ष्य को पाकर रहेंगे: पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि आप सभी जानते हैं कि मेरा रिश्ता श्री गुरु रविदास जी की जन्मभूमि काशी से है। काशी के लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिए, और सांसद के रूप में काशी की सेवा करने का भी मुझे सौभाग्य मिला। मैं जब भी सीर गोवर्धनपुर जाता हूं, बड़ी संख्या में मुझे पंजाब के भाई-बहनों से मिलने का भी सौभाग्य मिलता है। मैं इस बार संत रविदास जी की प्रेरणा भूमि, पंजाब की वीर भूमि पर आया हूं। मैं मानता हूं कि ये श्री गुरु रविदास जी की इच्छा है और मेरा बहुत सौभाग्य है। मैं इस आयोजन में निमंत्रित करने के लिए डेरा सचखंड बल्ला का आभार व्यक्त करता हूं।
उन्होंने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में डेरा सचखंड बल्लां के कार्य बहुत सराहनीय रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक कार्य पूज्य संत श्री निरंजन दास जी महाराज के मार्गदर्शन में अविरत हो रहे हैं। उनके नेतृत्व में दुनिया के कई देशों में श्री गुरु रविदास जी के विचारों का प्रसार भी हुआ है। इस योगदान को सम्मान देने के लिए अभी हाल ही में हमारी भाजपा की केंद्र सरकार ने पूज्य संत श्री निरंजन दास जी महाराज को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है। इस अवसर पर मैं उन्हें आदरपूर्वक नमन करता हूं।
अखिलेश-मायावती ने बजट पर साधा निशाना, कहा- गरीब-बहुजन हितों की अनदेखी
अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा, "आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम। हमने तो पहले ही कहा था... सवाल ये नहीं है कि शेयर बाज़ार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा। जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी। हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 (एक बँटे बीस) का बजट मानते हैं क्योंकि वो 5 फीसदी लोगों के लिए होता है। भाजपा का बजट, अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का बजट होता है। भाजपा का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता-बही होता है। इस बजट में न आम जनता का जिक्र है न फिक्र। महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को टैक्स में छूट न देना, टैक्स-शोषण है। अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं लेकिन बेकारी-बेरोज़गारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है। निराशाजनक, निंदनीय बजट।"
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पोस्ट में लिखा, "देश के संसद में आज केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये बजट में विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, वादों और आश्वासनों के सम्बन्ध में भविष्य में इनके परिणामों को लेकर यही लगता है कि इनके नाम तो बड़े-बड़े हैं, किन्तु जमीनी स्तर पर इनके दर्शन छोटे ना हों तो बेहतर होगा। इसीलिए सर्वसमाज के हित में केवल बातें ना हों बल्कि इनपर सही नीयत से अमल भी जरूरी है। वैसे तो केन्द्र सरकार का बजट सत्ताधारी पार्टी की नीति व नीयत में चाल, चरित्र व चेहरे का आईना होता है, जिसमें यह झलक मिलती है कि सरकार की सोच वास्तव में गरीब व बहुजन-हितैषी होकर व्यापक देशहित की है या फिर पूँजीवादी सोच की पोषक बड़े-बड़े पूंजीपति व धन्नासेठ समर्थक है।"
बजट 2026: कैंसर की दवाओं से लेकर विदेश में यात्रा करना हुआ सस्ता, शराब समेत ये चीजें हुईं महंगी
बजट 2026 में कैंसर, विदेश यात्रा, व्यक्तिगत आयात के साथ कई अन्य चीजों पर टैक्स कम किया गया है, जिससे आम आदमी को काफी फायदा होगा। वहीं, कोयला, शराब और शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे इन चीजों की लागत पहले के मुकाबले बढ़ जाएगी।
बजट 2026 में कैंसर की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाई गई है। साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष भोजन को आयात शुल्क में छूट दी गई है।
वहीं, व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है और विदेशा यात्रा टूर पैकेज पर टीसीएस को 5 प्रतिशत/20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है।
इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन, जूते, विदेश में पढ़ाई करना, सोलर एनर्जी से जुड़े चीजें, बैटरी, बायोफ्यूल मिली सीएनजी, हवाई जहाज के कलपुर्जे, चमड़े का निर्यात और बीड़ी आदि भी सस्ते हो जाएंगे।
दूसरी तरफ, आयात शुल्क में इजाफा होने से कबाड़ और खनिज आदि महंगे हो जाएंगे। बजट 2026 में सरकार ने शराब (मानव उपभोग के लिए) पर टीसीएस की दर एक प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दी है।
इसके अलावा, डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग कम करने के लिए सरकार ने बजट 2026 में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। ऑप्शंस पर अब एसटीटी बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले फायदे को कैपिटन गेन में लाने का प्रस्ताव रखा है। इससे अब बायबैक से होने वाली आय पर अधिक टैक्स लगेगा।
सूर्यकुमार यादव ने तिलक वर्मा और वाशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर दिया अपडेट
तिलक वर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत से ठीक पहले घरेलू क्रिकेट खेलते हुए इंजर्ड हो गए। उनका एक छोटा ऑपरेशन हुआ था। वह लगभग एक महीने से क्रिकेट से बाहर हैं।
टी20 विश्व कप की टीम में शामिल तिलक वर्मा की फिटनेस पर अपडेट देते हुए सूर्यकुमार यादव ने कहा, "तिलक वर्मा अच्छी तरह से फिट हो रहे हैं। मैंने सुना है कि वह मुंबई में 2 और 4 फरवरी को दो मैच खेल रहे हैं। मुझे लगता है कि दो मैच काफी हैं। मैंने उनसे कल ही बात की थी। उन्होंने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण सबकुछ शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि वह जल्द ही हमारे पास होंगे।"
वाशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर सूर्यकुमार यादव ने कहा, "मुझे लगता है कि वाशी भी अच्छा कर रहा है। उससे भी मेरी बात हुई है। उसने भी गेंदबाजी और बल्लेबाजी शुरू कर दी है। वह अच्छा दिख रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही वापस आ जाएगा।"
वाशिंगटन सुंदर अभी बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं। सुंदर 11 जनवरी को वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारत की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे। उस मैच में गेंदबाजी करते समय उन्हें पसलियों में चोट लग गई थी, लेकिन इसके बावजूद, वह बैटिंग करने आए थे और केएल राहुल के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाने में मदद की।
भारतीय टीम विश्व कप से पहले मुंबई में इकट्ठा होगी और दो वार्म-अप मैच खेलेगी। विश्व कप 7 फरवरी से शुरू हो रहा है।
1 अप्रैल से लागू होंगे नए इनकम टैक्स एक्ट, आईटीआर फाइलिंग की बढ़ाई गई डेडलाइन
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। इससे लाखों वेतनभोगी और छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि फॉर्म को सरल बनाने के साथ-साथ टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को भी डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली किया गया है।
वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि सरकार ने 2021-22 में किया गया वादा पूरा कर लिया है। बजट अनुमान के अनुसार, 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2026-27 में यह घटकर 4.3 प्रतिशत होने की उम्मीद है। सरकार का फोकस वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति देने पर है।
बजट में राज्यों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपए की ग्रांट दी जाएगी। वित्त वर्ष 2027 के लिए डेट-टू-जीडीपी रेश्यो 55.6 प्रतिशत, जबकि नेट बॉरोइंग 11.7 लाख करोड़ रुपए तय किया गया है।
बजट 2026 में सरकार ने टीसीएस दरों में बड़ी राहत दी है। उदारीकृत प्रेषण योजना यानी लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाला टीसीएस भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो शिक्षा या मेडिकल कारणों से विदेश पैसा भेजते हैं।
टैक्स नियमों में भ्रम दूर करने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति को ठेकेदारों को किए गए भुगतानों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसके तहत अब इन सेवाओं पर केवल 1 प्रतिशत या 2 प्रतिशत टीडीएस लगेगा, जिससे कारोबारियों और श्रमिकों दोनों को सहूलियत मिलेगी।
बजट 2026: देश को सर्विसेज सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनाने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का होगा गठन
यह कमेटी विकास, रोजगार सृजन और निर्यात के अवसरों की उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिसका उद्देश्य भारत को सर्विसेज क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाना है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि हमारी सरकार ने युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सर्विसेज क्षेत्र पर नए सिरे से जोर देने का निर्णय लिया है, जिसके लिए कई उपाय करने का फैसला किया है।
उन्होंने भाषण में कहा कि मैं उच्च स्तरीय एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी के गठन का प्रस्ताव करती हूं, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सर्विसेज क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी।
कमेटी विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित उभरती टेक्नोलॉजी के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेंगी और इसके लिए उपाय प्रस्तावित करेंगी।
दूसरी तरफ सरकार का फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करने का ऐलान किया है। इसके जरिए सरकार की कोशिश बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर फोकस कर देश में विकास दर और रोजगार को बढ़ाना है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना की जाएगी।
केंद्रीय बजट 2026-27: रेलवे को बड़ी सौगात, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान
केंद्रीय बजट 2026 में रेलवे को लेकर एक अहम फैसला लेते हुए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की गई है। इन कॉरिडोरों के जरिए देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर इस प्रकार हैं– मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी।
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगनगर औद्योगिक केंद्र और पारादीप व धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। इससे पर्यावरण के अनुकूल और कम लागत वाले कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
अंतर्देशीय जलमार्गों को मजबूत करने के लिए वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर और मेंटेनेंस से जुड़ा एक आधुनिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही समुद्री विमान के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
बजट 2026 में छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का ग्रोथ फंड लाने का ऐलान किया है। इससे उद्यमियों को अपने कारोबार के विस्तार में मदद मिलेगी। इसके अलावा, टेक्सटाइल सेक्टर को भी विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही गई है, जिससे रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड बनाया जाएगा और कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम लॉन्च की जाएगी। साथ ही, जलमार्ग क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि इस सेक्टर में कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।
खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी: निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार प्रस्तावित पार्कों के लिए 'चैलेंज मोड' चयन प्रक्रिया के जरिए टेक्सटाइल इकोसिस्टम में विकास को तेज करना चाहती है। उन्होंने कहा, "मैं चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं। मैं खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।"
इस योजना के जरिए खादी हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को ग्लोबल मार्केटिंग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, ओडीओपी योजना को मजबूती मिलेगी और बुनकरों को बेहतर ट्रेनिंग मिलेगी।
वित्त मंत्री ने भारत के लेबर-इंटेंसिव टेक्सटाइल सेक्टर के सहयोग के लिए एक बड़े एकीकृत कार्यक्रम की भी घोषणा की। इस कार्यक्रम में 7 मुख्य हिस्से हैं, जिनमें से हर एक का मकसद उत्पादन, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बेहतर बनाना है।
वस्त्र उद्योगों के लिए एकीकृत कार्यक्रमों में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शामिल है। वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को बढ़ावा और आधुनिकता के लिए समर्थ 2.0 मिशन, जबकि प्राकृतिक, मानव निर्मित और न्यू ऐज फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना का जिक्र है।
इसके अलावा, परम्परागत टेक्सटाइल क्लस्टर को आधुनिक बनाने के लिए वस्त्र उद्योगों का विस्तार और रोजगार योजना, जारी योजनाओं के एकीकरण और बढ़ावा के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम, विश्व स्तरीय और टिकाऊ वस्त्रों और परिधानों के लिए टेक्स-इको पहल और चुनौती के स्तर पर मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना की जाएगी।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है। यह उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं।
कोलकाता वेयरहाउस अग्निकांड : मृतकों की संख्या बढ़कर 27 हुई, कई लोग अभी भी लापता
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार को आनंदपुर के जले हुए गोदामों से दो और लोगों के शव बरामद किए गए, जिससे मरने वालों की संख्या 27 हो गई है। इस बीच, घटना के एक हफ्ते बाद एसआईटी के गठन से इतने लंबे समय बाद अधिकारियों के अचानक एक्टिव होने पर सवाल उठ रहे हैं।
26 जनवरी की सुबह पुष्पांजलि डेकोरेटर के गोदाम और वाओ मोमो फैक्ट्री में आग लग गई थी। 32 घंटे तक युद्धस्तर पर काम करने के बावजूद, फायर सर्विस आग पर आसानी से काबू नहीं पा सकी।
भयानक आग लगने के एक हफ्ते बाद बारुईपुर जिला पुलिस ने आखिरकार एक एसआईटी बनाने का फैसला किया है। यह पांच सदस्यों की टीम है जिसका नेतृत्व बारुईपुर जिला पुलिस एसपी शुभेंदु कुमार कर रहे हैं। इस टीम में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, डीएसपी क्राइम, डीईबी इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर रैंक का एक और पुलिस अधिकारी भी शामिल है।
आग लगने की घटना के बाद से मशहूर मोमो बनाने वाली कंपनी जांच के घेरे में आ गई है। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फैक्ट्री के रिक्लेम्ड वेटलैंड पर बने होने के आरोप लगे हैं।
जनवरी में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 28 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी, हुआ 21.70 अरब ट्रांजैक्शन : एनपीसीआई
एनपीसीआई के मुताबिक, महीने के हिसाब से भी यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या और रकम में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। जनवरी में यूपीआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ता रहा।
जनवरी महीने में रोजाना औसतन 91,403 करोड़ रुपए का यूपीआई ट्रांजैक्शन हुआ, जो दिसंबर के 90,217 करोड़ रुपए के मुकाबले ज्यादा है।
जनवरी में रोजाना औसतन 70 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 69.8 करोड़ था।
दिसंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 29 प्रतिशत बढ़कर 21.63 अरब रही थी। वहीं ट्रांजैक्शन की राशि 20 प्रतिशत बढ़कर 27.97 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी।
इंस्टेंट मनी ट्रांसफर सेवा (आईएमपीएस) के जरिए दिसंबर में कुल 6.62 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ। यह पिछले साल के मुकाबले 10 प्रतिशत ज्यादा था और नवंबर के 6.15 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक रहा।
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब 70.9 करोड़ एक्टिव यूपीआई क्यूआर कोड हो चुके हैं, जो जुलाई 2024 के मुकाबले 21 प्रतिशत ज्यादा है।
किरेन रिजिजू समेत कई नेताओं ने बजट को बताया ऐतिहासिक, बोले-सभी वर्गों का रखा गया है ध्यान
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, "जिस विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर देश की सरकार काम कर रही है। 2014 से निरंतर हर बजट इसी दिशा में आगे बढ़ने के पायदान की तरह होता है। इस बार का बजट भी भारत को विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने वाला होगा।"
उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि देश की सरकार पिछले 11 सालों से भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के जिस लक्ष्य के लिए काम कर रही है, उस दिशा में 2014 से पेश किए गए हर बजट ने लगातार प्रगति की है। हर बजट एक कदम आगे बढ़ा है। इस साल का बजट भी भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में एक कदम और आगे ले जाएगा।"
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक बजट है। प्रधानमंत्री की 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ेगी। रिफॉर्म एक्सप्रेस बहुत आसानी से आगे बढ़ रही है। इसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।"
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट सत्र के लिए संसद जाने से पहले अपने आवास पर एक पौधा लगाया। उन्होंने इस बजट को 'यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का बजट' बताया।
बजट पर भाजपा का भरोसा, सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
उन्होंने रविवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि इस बजट में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए हर प्रकार की समुचित व्यवस्था है, जिसमें स्टार्ट अप, युवा, महिला सहित अन्य तबके के लोग शामिल हैं। इस बजट में सभी का ध्यान रखा गया है।
भाजपा सांसद ने कहा कि मैं दिल्ली का सांसद हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि दिल्ली में विकास की गति मिलेगी। इस बजट में दिल्ली का भी ध्यान रखा गया है। दिल्ली के साथ किसी भी प्रकार की कोताही इस बजट में नहीं बरती गई है।
इसके अलावा, उन्होंने समाजपार्टी के प्रमुख अखिलेश याद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अखिलेश यादव आरोप लगाने की बीमारी से पीड़ित हो चुके हैं। आखिर इन्हें हो क्या गया है। दुर्भाग्य की बात है कि उन्हें हर चीज में राजनीति में दिख रही है। इससे उनकी मंशा साफ जाहिर हो रही है। इससे साफ पता चलता है कि उन्हें देश के विकास से कोई लेना देना नहीं है। वो सिर्फ राजनीति में अपना अस्तित्व जिंदा रखने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं, जो कि एक स्वस्थ्य राजनीतिक प्रणाली के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है।
वहीं, जीएसटी संग्रहण की वृद्धि पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से भी सफल हुआ है, जिसमें यह कहा गया है कि खुद का सामान बेचो। इस कारण से हमारा जीएसटी में कलेक्शन बढ़ा है।
उधर, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह ने भी बजट को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह एनडीए सरकार का 12वां बजट है और निर्मला सीतारमण का यह नौवा बजट है। हर बजट में हमने विभिन्न प्रकार के सेक्टरों को टारगेट किया। जनकल्याणकारी योजनाओं का टारगेट किया। हमें पूरा विश्वास है कि इस बार भी बजट में विभिन्न क्षेत्रों को फायदा मिलने वाला है। इसे आशा का बजट कहना ज्यादा उचित रहेगा। इससे देश को नया उछाल मिलेगा। अभी एफटीए के बाद अभी हमन यूरोपीय यूनियन के साथ हमने समझौता किया है। इससे अर्थव्यवस्था में भी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा, कीमत 49 रुपए बढ़ी
यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगी, जिसका इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों में किया जाता है। हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की खुदरा कीमत 1,740.50 रुपए हो गई है। तो वहीं मुंबई में संशोधित कीमत 1,692 रुपए है, जबकि कोलकाता में यह बढ़कर 1,844.50 रुपए हो गई है। वहीं चेन्नई में सिलेंडर की कीमत अब 1,899.50 रुपए होगी।
यह बदलाव तेल कंपनियों द्वारा हर महीने की जाने वाली कीमत समीक्षा के तहत किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों और देश के अंदर की लागत पर आधारित होती है।
इस कीमत बढ़ोतरी का असर खाने-पीने और होटल से जुड़े कारोबार पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि इन क्षेत्रों में कमर्शियल एलपीजी एक जरूरी ईंधन है।
हाल के महीनों में व्यावसायिक एलपीजी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जनवरी में, ओएमसी ने कीमतों में 111 रुपए की बढ़ोतरी की थी, जबकि पिछले साल नवंबर में 5 रुपए और दिसंबर में 10 रुपए की कमी की गई थी।
दिल्ली में, पिछले साल मार्च में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत 1,803 रुपए थी, जिसके बाद 2024 और 2025 की शुरुआत में कई बार कटौती और बढ़ोतरी हुई। दिसंबर में गिरकर 1,580.50 रुपए होने के बाद, कीमतों में अब लगातार दो महीनों से वृद्धि हो रही है।
केंद्रीय बजट 2026 पेश होने से पहले भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, ऑटो शेयरों में तेजी
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9:30 बजे), 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 55.11 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 82,324.89 पर था, जबकि एनएसई निफ्टी 3.50 अंक या 0.01 प्रतिशत गिरकर 25,317.15 पर कारोबार कर रहा था।
वहीं, व्यापक बाजार भी शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स क्रमशः 0.32 प्रतिशत और 0.83 प्रतिशत नीचे थे।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी हेल्थकेयर को छोड़कर अन्य इंडेक्स लाल निशान में थे, जिनमें निफ्टी मेटल सबसे अधिक गिरावट दर्ज करने वाला सूचकांक रहा, जो 4 प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, बीईएल, पावर ग्रिड, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक और मारुति सुजुकी के शेयर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे। तो वहीं इंफोसिस, टाटा स्टील, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज, रविवार 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट संसद में पेश करेंगी। बजट भाषण भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे संसद में शुरू होगा। यह पहली बार होगा जब वार्षिक केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। बजट के बाद इससे जुड़े सभी दस्तावेज लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में प्रस्तुत किए जाएंगे। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा।
बजट से पहले आए जीएसटी के आंकड़े, संग्रह 1.93 लाख करोड़ रुपए के पार
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अप्रैल से जनवरी 2025-26 की अवधि में सकल जीएसटी संग्रह 18.43 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
जनवरी में शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.70 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसमें पिछले साल की समान अवधि में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से अब तक शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 6.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 15.95 लाख करोड़ रुपए था।
जनवरी में रिफंड में मिलाजुला रुझान देखने को मिला है। बीते महीने कुल जीएसटी रिफंड 22,665 करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 3.1 प्रतिशत की कमी आई है। घरेलू रिफंड सालाना आधार पर 7.1 प्रतिशत कम होकर 13,119 करोड़ रुपए हो गया है। निर्यात रिफंड सालाना आधार पर 2.9 प्रतिशत बढ़कर 9,546 करोड़ रुपए हो गया है।
सूर्यकुमार यादव ने की वानिंदु हसरंगा की बराबरी, विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब
साल 2025 की 22 पारियों में एक भी अर्धशतक लगाने में असफल रहे सूर्यकुमार यादव ने 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 टी20 मैचों की सीरीज की दमदार शुरुआत की और पहले मैच में 22 गेंद पर 32 रन बनाए। इसके बाद दूसरे टी20 में 37 गेंद पर 82, तीसरे टी20 में 26 गेंद पर 57, चौथे टी20 में 8 गेंद पर 8, और पांचवें टी20 में 30 गेंद पर 63 रन की पारी खेली। कुल 5 मैचों में 3 अर्धशतकों की मदद से उन्होंने 242 रन बनाए।
भारत ने 5 टी20 मैचों की सीरीज 4-1 से जीती। सूर्यकुमार यादव को प्लेयर ऑफ द सीरीज घोषित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय टी20 में सूर्यकुमार यादव ने छठी बार प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीता है। अंतरराष्ट्रीय टी20 में सर्वाधिक प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीतने के मामले में सूर्यकुमार यादव श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर आ गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय टी20 में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीतने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है। विराट ने 7 बार ये उपलब्धि हासिल की है। फॉर्म में वापसी करने वाले सूर्यकुमार यादव जल्द ही विराट को पीछे छोड़ सकते हैं।
सूर्यकुमार यादव ने तिरुवनंतपुरम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए आखिरी टी20 में अपने 3,000 रन भी पूरे किए। 104 टी20 मैचों की 98 पारियों में उनके 3,030 रन हो चुके हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 24 अर्धशतक निकले हैं।
निर्मला सीतारमण कब और कहां बजे पेश करेंगी केंद्रीय बजट 2026-27? कहां देखें लाइव
यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा। इस बार बजट से किसी बड़े आश्चर्य या सनसनीखेज घोषणा की बजाय नीतिगत निरंतरता और दीर्घकालिक आर्थिक प्राथमिकताओं पर जोर दिए जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और भविष्य की विकास जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले ले सकती है।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, बजट 2026-27 में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, हालांकि महामारी के बाद जिस तेज रफ्तार से खर्च बढ़ा था, उसकी तुलना में यह वृद्धि कुछ संयमित हो सकती है। रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, पावर ट्रांसमिशन, डिफेंस और शहरी परिवहन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। इसके अलावा, राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ब्याज-मुक्त ऋण की सुविधा को भी जारी रखा जा सकता है।
केंद्रीय बजट 2026 आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन में लोकसभा में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री का यह बजट भाषण लगभग 60 से 90 मिनट तक चलने की उम्मीद है।
बजट भाषण का सीधा प्रसारण सुबह 11 बजे से दूरदर्शन और संसद टीवी पर किया जाएगा। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी, जिनमें संसद टीवी का यूट्यूब चैनल, पीआईबी इंडिया का यूट्यूब चैनल और इंडियाबजट.गव.इन सहित अन्य आधिकारिक सरकारी वेबसाइटें शामिल हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने संत रविदास की जयंती पर श्रद्धांजलि दी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए गए एक पोस्ट में लिखा, "मैं सभी देशवासियों को गुरु रविदास जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। समानता और समरसता पर आधारित उनका संदेश समाज के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत है। त्याग और तपस्या के मार्ग पर चलकर वे जाति और धर्म के भेदभाव को दूर करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। आइए इस अवसर पर, सेवा और भक्ति पर आधारित उनकी शिक्षाओं को अपनाएं और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।"
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "मानवता के अनन्य उपासक महान संत श्री गुरु रविदास महाराज जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनके विचारों में न्याय और करुणा का भाव सर्वोपरि था, जो जनकल्याण की हमारी योजनाओं के मूल में है। उन्होंने सामाजिक समरसता और सद्भावना के जिस दीप को प्रज्वलित किया, वह देशवासियों के पथ को सदैव आलोकित करता रहेगा।"
इस अवसर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, "समस्त देशवासियों को संत रविदास जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। रविदास जी ने एक तरफ जहां कवि के रूप में भक्ति आंदोलन को आगे बढ़ाया, वहीं एक समाज सुधारक के रूप में भेदभाव-मुक्त समाज निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित किया। उनका ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ भक्ति की असली सीख देता है। संत रविदास जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।"
वित्त मंत्री सीतारमण आज संसद में पेश करेंगी केंद्रीय बजट 2026-27; विकास और वित्तीय अनुशासन पर रहेगा फोकस
यह सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही वह ऐसा करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन जाएंगी। यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का 15वां बजट भी होगा। साल 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट है।
यह बजट ऐसे समय में आ रहा है, जब भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। देश के भीतर मांग अब भी बनी हुई है और महंगाई पहले के मुकाबले कुछ कम हुई है, लेकिन वैश्विक माहौल अभी भी बहुत अनिश्चित बना हुआ है।
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, बड़े केंद्रीय बैंकों की अलग-अलग मौद्रिक नीतियां और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ता बंटवारा अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है। इससे बाजारों में हलचल बढ़ी है, विदेशी निवेशकों का पैसा निकल रहा है और रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है।
अब तक आयकर और जीएसटी में बड़ी कटौती, बुनियादी ढांचे पर ज्यादा खर्च और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कमी से अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिली है। हालांकि, कर में कटौती के कारण सरकार राजस्व भी घटा है, जिससे नए बजट में विकास को समर्थन देने के लिए उपलब्ध वित्तीय गुंजाइश कम हो गई है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस बार का बजट रक्षा, बुनियादी ढांचा, पूंजीगत खर्च, बिजली और सस्ते आवास पर खास ध्यान देगा। साथ ही सामाजिक योजनाओं और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी। सरकार का लक्ष्य विकास की रफ्तार बनाए रखना होगा, लेकिन साथ ही वित्तीय घाटे को नियंत्रित रखना भी जरूरी होगा।
सरकार ने कोविड काल के दौरान 9.2 प्रतिशत तक पहुंचे वित्तीय घाटे को धीरे-धीरे कम कर वर्ष 2026 में अनुमानित 4.4 प्रतिशत तक ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस रास्ते से ज्यादा भटकाव नहीं होगा।
वर्ष 2026 के बजट में जहां मध्यम वर्ग की खपत बढ़ाने पर ज्यादा जोर था, वहीं इस बार खपत को बढ़ाने की नीति ज्यादा सीमित और लक्ष्य आधारित हो सकती है। कुल मिलाकर, विशेषज्ञों के अनुसार बजट में ग्रोथ बनाए रखने और फिस्कल डिसिप्लिन बनाए रखने के बीच सावधानी से संतुलन बनाने की संभावना है, साथ ही ये वैश्विक राजनीतिक व आर्थिक अस्थिरता से पैदा हुई चुनौतियों का भी समाधान तलाशेगा।
