प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) के विरोध में देश भर के किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर देखने को मिल रहा है। सोमवार को राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में किसान राजधानी दिल्ली के 'किसान घाट' पहुंचे हैं। राजघाट के पास भी किसानों की भीड़ दिखी, हालांकि जैसे ही किसानों की संख्या बढ़ी, पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया। पुलिस बसों में भरकर इन किसानों को वहां से ले गई। अभी सैंकड़ों किसान रास्ते में ही हैं, दिल्ली नहीं पहुंचे हैं। पंजाब से किसानों का आ रहा जत्था, हरियाणा बोर्डर पर रोक लिया गया है।
'हमारी चिंताओं को नजरअंदाज कर रही सरकार'
प्रदर्शनकारी किसानों और किसान संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित समझौते से विदेशी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खुल जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि सरकार उनकी चिंताओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाती और उनकी शंकाओं को दूर नहीं करती, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हम पहले पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत करेंगे। बातचीत में क्या निकलकर आता है, उसी के आधार पर आंदोलन की आगे की रणनीति और अगला फैसला लिया जाएगा।"
किसान घाट और राजघाट पर कड़े सुरक्षा इंतजाम
किसानों के दिल्ली जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। किसान घाट, राजघाट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। दर्शन स्थल की ओर जाने वाले सभी मुख्य रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस हर संदिग्ध गतिविधि और भीड़ की आवाजाही पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
हरियाणा बॉर्डर पर डटे किसान नेता
स्थिति को नियंत्रित करने और दिल्ली में भारी भीड़ को प्रवेश करने से रोकने के लिए हरियाणा-दिल्ली सीमाओं पर भी पुलिस बल मुस्तैद है। किसान नेता बैरिकेड्स के पास ही डटे हुए हैं और हरियाणा पुलिस के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं।
फिलहाल, किसान घाट पर किसानों का आना जारी है और दिल्ली-एनसीआर के सीमावर्ती इलाकों में यातायात पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
