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ऑपरेशन सिंदूर: मिट्टी में मिले 100 से ज्यादा आतंकी, PAK के 40 जवान, सेना ने लिया एक बार में कई हमलों का हिसाब

Army PC on Operation Sindoor: डाइरेक्टर जनरल ऑफ एयर ऑपरेशन्स (DGAO) एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के कई फाइटर जेट्स को अपनी हवाई सीमा में दाखिल होने से रोका और इस दौरान उसके कुछ आधुनिक फाइटर जेट्स मार गिराए गए। हमारी कार्रवाई में जाहिर तौर पर पाकिस्तान की वायु सेना को नुकसान पहुंचा।

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सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

Army PC on Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों को सजा देने के लिए चलाए गए अपने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में सेना ने रविवार को विस्तार से जानकारी दी। सेना की ओर से आयजित इस संवाददाता सम्मेलन में तीनों सेनाओं सेना, वायु सेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इन अधिकारियों ने सिलसिलेवार ढंग से सेना की जवाबी कार्रवाई और पाकिस्तान में आतंकी ढांचों और उसकी सेना को पहुंचे नुकसान के बारे में बताया। आतंकी ढांचों और पाकिस्तानी सेना को हुए नुकसान को दिखाने और बताने के लिए सेना ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कीं। सेना ने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत जिन लक्ष्यों को तय किया गया वे सफलतापूर्वक प्राप्त हुए। सेना के इस अभियान में 100 से ज्यादा आतंकवादी और पाकिस्तानी सेना के 35-40 जवान मारे गए। 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी जारी है और पाकिस्तानी सेना ने आगे सीज फायर तोड़ा तो उसे माकूल जवाब दिया जाएगा क्योंकि जवाबी कार्रवाई करने के लिए सेना को छूट मिली हुई है।

आईसी-814, पुलवामा के गुनहगार भी मारे गए

सेना ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में आईसी-814 को हाईजैक करने और पुलवामा हमले में शामिल आतंकवादी भी मारे गए। यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे बड़े आतंकी भी ढेर हुए। नौसेना ने कहा कि वह पाकिस्तान के बंदरगाह शहर को निशाने बनाने के लिए तैयार थी।

पाक के कुछ फाइटर जेट्स मार गिराए

डाइरेक्टर जनरल ऑफ एयर ऑपरेशन्स (DGAO) एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के कई फाइटर जेट्स को अपनी हवाई सीमा में दाखिल होने से रोका और इस दौरान उसके कुछ आधुनिक फाइटर जेट्स मार गिराए गए। हमारी कार्रवाई में जाहिर तौर पर पाकिस्तान की वायु सेना को नुकसान पहुंचा। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि भारत ने पाकिस्तान के एक F-16 फाइटर जेट और संभवत: दो JF-17 लड़ाकू विमानों को मार गिराया।

10 मई को पीक के डीजीएमओ का फोन आया

सेना ने कहा तीन-चार दिन तक युद्ध जैसा माहौल रहा। आगे भी आतंकियों के कैंप पर कार्रवाई संभव है। सेना के अधिकारी ने बताया कि भारत की जवाबी कार्रवाई देक पाकिस्तानी सेना में दहशत का माहौल था। इसे रोकने के लिए उसमें छटपटाहट देखी गई। वह सीजफायर की मांग करने लगा। सीजफायर करने के लिए 10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ का फोन आया।

सीजफायर तोड़ने पर माकूल जवाब मिलेगा

'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में जानकारी देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि 10 मई को हुई डीजीएमओ वार्ता के तहत बनी सहमति के उल्लंघन होने की स्थिति में 'काइनेटिक डोमेन' यानी जवाबी कार्रवाई के लिए सेना के कमांडरों को पूरी छूट दे दी गई है। सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, पश्चिमी सीमा पर किसी भी तरह के उल्लंघन पर सेना तुरंत और प्रभावी जवाब देगी।

पाक के 35 से 40 जवान मारे गए

डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि कुछ हवाई क्षेत्रों और डंपों पर पाकिस्तान की ओर से बार-बार हवाई हमले हुए, जिसे हमारी सेना ने सभी को विफल कर दिया। बताया गया है कि 7 से 10 मई के बीच नियंत्रण रेखा पर तोपखाने और छोटे हथियारों से गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के लगभग 35 से 40 जवान मारे गए। हम उनके हताहत होने के बारे में नहीं बात करना चाहते क्योंकि वे हमारे टारगेट नहीं थे। भारतीय सेना ने कहा कि 7 मई को ऑपरेशन के दौरान यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों सहित 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया।

आतंकी मुख्यालय पूरी तरह हुए ध्वस्त

वायुसेना के डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित एक प्रमुख आतंकी अड्डे पर मिसाइल हमला किया, जिसमें कैंप पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह इलाका जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है और यहां लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियां चलाई जा रही थीं। वायुसेना ने इस हमले की ड्रोन और सैटेलाइट फुटेज भी प्रस्तुत की, जिसमें लक्ष्य क्षेत्र में हुए भारी विनाश को साफतौर पर देखा जा सकता है। इसके साथ ही, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरीदके स्थित एक और आतंकी शिविर को भी सटीक मिसाइल हमले में नष्ट किया गया। यह क्षेत्र लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद का गढ़ माना जाता है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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