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दिल्ली हवाई अड्डे पर 140 उड़ानें रद्द; Operation Sindoor के बाद सरकार का बड़ा फैसला

दिल्ली हवाई अड्डे पर 140 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार, ‘अमेरिकन एयरलाइंस’ की एक उड़ान सहित चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रात 12 बजे से निलंबित कर दी गई हैं। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये।

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प्रतीकात्मक तस्वीर।

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सेना द्वारा मिसाइल हमले किए जाने के बाद विदेशी एयरलाइन समेत विभिन्न एयरलाइन ने दिल्ली हवाई अड्डे से आने-जाने वाली करीब 140 उड़ानें रद्द कर दी हैं। एक सूत्र ने बताया कि आने वाली 65 और प्रस्थान करने वाली 66 उड़ानें रद्द की गई हैं। इसके अलावा दो आगमन और दो प्रस्थान वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी रद्द किया गया।

चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी कर दी गई निलंबित

सूत्र ने बताया कि ‘अमेरिकन एयरलाइंस’ की एक उड़ान सहित चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रात 12 बजे से निलंबित कर दी गई हैं। दिल्ली इंटरनेशन एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के कारण कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम अपडेट और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था के लिए अपनी संबंधित विमानन कंपनियों से संपर्क करें।'

इसने कहा, 'हम उड़ान संचालन में किसी भी व्यवधान को कम करने के लिए विमानन कंपनियों और हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष (एटीसी) के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।'

देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है IGI एयरपोर्ट

राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआईए) देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है और यहां से प्रतिदिन करीब 1,300 विमानों का आवागमन होता है। डीआईएएल आईजीआईए का संचालन करता है।

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत मंगलवार देर रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा भी शामिल है।

जम्मू-कश्मीर के कई जगहों के शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद

कश्मीर के संभागीय आयुक्त ने बताया है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए बारामुल्ला, कुपवाड़ा और गुरेज में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान कल 08 मई को बंद रहेंगे। अवंतीपोरा और श्रीनगर एयरपोर्ट के आसपास के स्कूल भी कल बंद रहेंगे। यह निर्देश एहतियात के तौर पर जारी किया गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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