Parliament Winter Session: लोकसभा में आज 'वंदे मातरम्'की 150 वीं वर्षगांठ पर बहस होगी। बहस के दौरान राष्ट्रीय गीत के बीरे में कई महत्वपूर्ण और अज्ञात तथ्यों पर चर्चा की उम्मीद है। वहीं विपक्षी सांसदों द्वारा सदन में हंगामे के भी आसार हैं। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी बहस की शुरुआत करेंगे।
लोकसभा की कार्यसूची में 'राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा' को सोमवार के लिए सूचीबद्ध है और बहस के लिए 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है। पीएम मोदी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दूसरे वक्ता होंगे। विपक्ष की ओर से कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी समेत कई सांसद हिस्सा लेने की उम्मीद हैं।
राज्यसभा में होगी चर्चा
राज्यसभा में भी इस मामले पर चर्चा होगी। गृह मंत्री अमित शाह चर्चा की शुरुआत करेंगे और स्वास्थ्य मंत्री तथा राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे. दोनों सदनों में यह चर्चा 'वंदे मातरम' की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करेगी।
सरकार को घेरने की प्लानिंग में विपक्ष
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर गीत के छंदों को हटाने का आरोप लगाया है, जिसे विपक्षी सांसद मुद्दा बनाकर हंगामा कर सकते हैं। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में 2 दिसंबर को सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक में इस विषय पर चर्चा की सहमति बनी थी।
केंद्र सरकार ने 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया है जो इसकी सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करता है. प्रधानमंत्री मोदी ने इसे स्वतंत्रता संग्राम की अमर धरोहर बताते हुए कहा था कि ये गीत राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करता है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने संसद में 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा पर कहा, "अगर हम स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास याद करें, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में लड़ी गई आज़ादी की लड़ाई में वंदे मातरम् का बहुत अहम योगदान था। यह अलग बात है कि जब कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई चल रही थी, तब भाजपा का मातृ संगठन और उससे जुड़े संगठन अंग्रेजों की चापलूसी कर रहे थे। उस अपराध बोध से वे मुक्ति ले लें आज अगर उस चर्चा में स्वीकार करें कि वंदे मातरम् आज़ादी की लड़ाई का प्रेरणास्रोत, मूलमंत्र था, तो शायद उस समय के कुछ पाप धुल जाएं।"
भाजपा सांसद नरेश बंसल ने संसद में 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा पर कहा, "बहुत अच्छा है।यह बहुत ही समयानुकूल चर्चा है। 150 वीं जयंती पर हमारी वर्तमान पीढ़ी यह जानेगी कि किस प्रकार से यह वंदे मातरम् गान स्फूर्तिदायक, राष्ट्रभक्ति पैदा करने वाला गान था और इतिहास में इस गान के साथ क्या-क्या खिलवाड़ हुआ, यह चर्चा के दौरान सामने आएगा।
राजद नेता मनोज झा ने संसद में 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा पर कहा, "चाहे हम आज़ादी के 50 साल मनाएं या गणतंत्र बनने के 50 साल या किसी गान की वर्षगांठ मनाएं जो हमारे आजादी के आंदोलन से जुड़ा हो। लेकिन जब ऐसी बातें याद आती हैं, तो वर्तमान का भी मूल्यांकन होना चाहिए। क्या वंदे मातरम में जो राष्ट्रवाद है, आज वह समावेशी राष्ट्रवाद है या बहिष्कार राष्ट्रवाद है? यह भी देखना चाहिए हम अपने सामने आने वाली चुनौतियों पर सोचने में कितने सफल रहे हैं।
